एनआईपीएफपी नई दिल्ली स्थित एक थिकं टैंक है जो केंद्रीय वित्त मंत्रालय, योजना आयोग, विभिन्न राज्य सरकारों और संस्थानों के साथ मिलकर काम करता है। मध्यप्रदेश व हरियाणा सरकारों के आग्रह के बाद एनआईपीएफपी ने जुलाई में अर्थक्रांति की रिसर्च रिपोर्ट का आंकलन शुरू किया, लेकिन 8 नवंबर को नोटबंदी के ऐलान तक एनआईपीएफ अपनी विस्तृत मूल्याकंन रिपोर्ट राज्य सरकारों को नहीं सौंप सका। हालांकि एनआईपीएफपी ने 14 नवंबर को एक दस्तावेज सार्वजनिक किया था, जिसमें मुद्रा विमुद्रीकरण के प्रभावों और असर का जिक्र था।