
भोपाल। औचक निरीक्षक के क्रम में डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना शनिवार रात करीब 12 बजे बालाघाट रवाना हुए। रविवार अलसुबह हॉकफोर्स के कैंप पहुंचे। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बने कैंप में तैनात सुरक्षाकर्मी डीजीपी को पहचान नहीं सके। डीजीपी ने कैंप का निरीक्षण किया।
जवानों से बात की। जवानों की परेशानियां जानीं। तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए। डीजीपी इसके पूर्व आधी रात को नरसिंहगढ़ और श्यामपुर थाने का निरीक्षण करने गए थे। हाल ही में 30 जुलाई को भोपाल की सड़कोें पर पैदल गश्त की थी। सभी जिलों में पैदल गश्त केनिर्देश दिए थे।
अफसरों के साथ अहम बैठक
नक्सल प्रभावित लांजी, बैहर और कान्हा नेशनल पार्क के कोर एरिया का डीजीपी ने निरीक्षण किया। सुरक्षा व्यवस्था को परखा। सोमवार को अफसरों के साथ बैठक की। मालूम हो कि शनिवार को बालाघाट जिले में नक्सलियों ने एक ग्रामीण की हत्या की थी।
करीब से जाना किन हालात में रहते हैं जवान
डीजीपी ने परेशानियों से जूझते हुए ड्यूटी करने वाले जवानों से बात कर परेशानियों को जाना। उनके साथ खाना खाया। बालाघाट, डिंडौरी और मंडला जिले में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बारे में जानकारी ली। यहां बता दें, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हॉक फोर्स के 15 से अधिक कैंप हैं।
Published on:
9 Aug 2022, 1:45 PM IST
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