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दिग्विजय को समन्वय,पचौरी के हाथ चुनाव की रणनीति

कमलनाथ की सूची को राहुल की हरी झंडी, बड़े नेताओं को साधने के लिए दी जिम्मेदारी
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भोपाल

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KRISHNAKANT SHUKLA

•

Updated: 23 May 2018, 9:46 AM IST

digvijay

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भोपाल. विधानसभा चुनाव के पांच महीने पहले कांग्रेस ने अपने कद्दावर नेताओं को चुनावी समितियों में अहम जिम्मेदारी सौंपी है। कोशिश यह की गई है कि सारे क्षत्रपों की नाराजगी दूर कर अंतर्कलह दूर की जा सके। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को समन्वय समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।

पूर्व पीसीसी चीफ अरुण यादव को उस चुनाव अभियान समिति का सदस्य बनाया गया है, जिसकी कमान ज्योतिरादित्य सिंधिया के हाथों में है। सुरेश पचौरी को चुनावी योजना एवं रणनीति कमेटी की कमान दी गई है। इसके अलावा चुनाव घोषणा पत्र, अनुशासन, मीडिया एंड कम्युनिकेशन कमेटी का गठन किया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा भेजी गई सूची को राहुल गांधी की हरी झंडी मिलने के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव अशोक गहलोत ने आदेश जारी कर दिए हैं।

प्रचार समिति
उमा भारती के करीबी रहे रामगोपाल भी टीम में
केन्द्रीय मंत्री उमाभारती के करीबी रहे रामगोपाल सिंह राजपूत को चुनाव प्रचार अभियान समिति में जगह मिली है। पूर्व में ये भाजपा में और उमाभारती के साथ भाजश में भी रहे हैं। अब वे सिंधिया खेमे के माने जाते हैं। कमेटी की कमान ज्योतिरादित्य सिंधिया के पास ही है। इसी समिति में अरुण यादव को सदस्य बनाया गया है। कांतिलाल भूरिया, विवेक तन्खा, आरिफ अकील, शोभा ओझा सहित 15 लोग इसमें हैं।

अनुशासन समिति

रघुवंशी को नकेल कसने की जिम्मेदारी
पूर्व मंत्री हजारी लाल रघुवंशी इसके अध्यक्ष हैं। पहले भी ये इस समिति की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, लेकिन उस दौरान अनुशासनहीनता के मामले अधिक सामने आए। इनके बयान भी सुर्खियों में रहे। अरुण यादव के कार्यकाल में इस कमेटी के अध्यक्ष रहे चंद्रप्रभाष शेखर इस बार समिति के उपाध्यक्ष हैं। शेखर प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष भी हैं। उम्मीद की जा रही है कि शायद इस बार अनुशासनहीनता करने वालों पर नकेल डल सकेगी।

समन्वय समिति

धुर विरोधी सत्यव्रत भी दिग्विजय की टीम में
कुशल रणनीतिकार दिग्विजय सिंह इस कमेटी के अध्यक्ष बनाए हैं। 10 साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय की वरिष्ठता और अनुभव को देखते हुए इस महत्वपूर्ण कमेटी की जिम्मेदारी मिली है। कुल 13 सदस्यीय समिति में दिग्विजय के धुर विरोधी रहे सत्यव्रत चतुर्वेदी भी शामिल हैं। भोपाल की पूर्व महापौर विभा पटेल और सुनील सूद को इसमें शामिल किए जाने का मतलब यही है कि अब इनकी विधानसभा चुनाव के लिए दावेदारी खत्म हो गई है।

चुनावी रणनीति
व्यापमं महाघोटाले के आरोपी का भाई शामिल
चुनाव रणनीति की कमेटी की कमान पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी को मिली है। वर्ष 2008 के चुनाव में वे प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी थे। पचौरी के बारे में कहा जाता है वे आज तक कोई चुनाव नहीं जीत सके। अब इनकी अध्यक्षता वाली कमेटी वर्ष 2018 के चुनाव जीतने की रणनीति बनाएगी। इस समिति में सिंधिया और कांतिलाल भूरिया के खेमे के लोगों को भी मौका मिला है। इसमें पूर्व पार्षद प्रवीण सक्सेना को भी शामिल किया गया है। प्रवीण व्यापमं घोटाले के आरोपी संजीव सक्सेना के भाई हैं।

इनकी भूमिका महत्वपूर्ण

चुनावी वर्ष में मीडिया एवं कम्युकेशन कमेटी की जिम्मेदारी अहम रहेगी। इसकी कमान मानक अग्रवाल को मिली है। पंकज चतुर्वेदी और पंकज शर्मा भी इसमें शामिल हैं। चतुर्वेदी सिंधिया खेमे के माने जाते हैं, जबकि शर्मा के मामले में दीपक बावरिया की अनुशंसा रही।

यहां योग्यता को महत्व
घोषणा पत्र समिति में पार्टी ने योग्यता को महत्व दिया है। विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र सिंह कमेटी के अध्यक्ष, जबकि पूर्व महाधिवक्ता एवं राज्यसभा सांसद विवेक तनखा, पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन उपाध्यक्ष बनाई गई हैं। पूर्व मंत्री नरेन्द्र नाहटा इसमें संयोजक होंगे।

कांग्रेस के 20 जिलाध्यक्ष बदले
प्रदेश कांग्रेस ने गुरुवार को 20 जिलाध्यक्ष भी बदल दिए। भोपाल शहर की कामन कैलाश मिश्रा और ग्रामीण की अरुण श्रीवास्तव को दी गई है। शहर की जिम्मेदारी अभी पीसी शर्मा संभाल रहे हैं। चुनाव लडऩे के इच्छुक शर्मा इस जिम्मेदारी से मुक्ति मांगी थी। मिश्रा की विधानसभा टिकट की दावेदारी खटाई में पड़ती दिख रही है।

किसे कहां की जिम्मेदारी

वि_ल दास मीना (गुना), बैजनाथ यादव (शिवपुरी), कन्हैया राम लोधी (अशोकनगर), देवेन्द्र शर्मा (ग्वालियर), अजय टंडन (दमोह), गुरमीत सिंह मंगू (रीवा शहर), सुभाष गुप्ता (शहडोल), मिथलेश जैन (कटनी शहर), गुमान सिंह ठाकुर (कटनी ग्रामीण), राजकुमार खुराना (सिवनी), वीरेन्द्र शुक्ला (डिण्डोरी), विश्वेश्वर भगत (बालाघाट), रतन सिंह ठाकुर (सीहोर), नारायण सिंह आमलाबे (राजगढ़), सुनील शर्मा (बैतूल), कपिल फौजदार (होशंगाबाद), मनोज राजानी (देवास शहर), वीरेन्द्र सिंह (बड़वानी) जिलाध्यक्ष बनाए गए हैं।