
अवैध निर्माण को वैध बनाने का दरवाजा खुला तो प्रदेश में सबसे आगे निकले इंदौरी
भोपाल. भवन अनुज्ञा से ज्यादा और बिना भवन अनुज्ञा के निर्माण के मामले में इंदौर शहर आगे है। इंदौर में 1219 भवन मालिकों ने 25 करोड़ रुपए देकर अवैध निर्माण को वैध करने आवेदन किया है। दूसरे नंबर पर भोपाल है। प्रदेश में ढाई हजार भवन मालिकों ने अवैध निर्माण को वैध करने 29 करोड़ 45 लाख रुपए से ज्यादा जमा किए हैं। राशि जमा करने के बाद नगरीय निकाय अवैध निर्माण का आकलन कर उसे नियमित करने का काम कर रहा है। जीआइएस (जियोग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम) सर्वे रिपोर्ट आने से पहले निकायों ने भवन मालिकों को 30 प्रतिशत तक अवैध निर्माण को वैध करने के लिए 28 फरवरी 2022 तक का समय दिया है। इस दौरान पेनल्टी में 20 फीसदी की छूट दी जा रही है।
200+ की जांच
200 से ज्यादा आवेदनों की जांच की जा रही है। इनमें सबसे ज्यादा आवेदन बिना भवन अनुज्ञा के किए गए निर्माण के हैं। कई ऐसे भी आवेदन हैं जो 30% वैध करने के बाद भी अवैध निर्माण का आकार ज्यादा है।
ये है चाबी
एबीपीएएस (ऑटामेटेड बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम-2) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन स्वयं या पंजीकृत कसल्टेंट के माध्यम से आवेदन करना होगा।
मकान का नक्शा, अन्य दस्तावेज अपलोड करें।
दस्तावेज जांचने और स्थल का निरीक्षण करने के बाद उसे निर्माण को वैध करने की कार्रवाई की जाएगी।
16 नगर निगमों की स्थिति
निगम -वैध हुए निर्माण -जमा राशि
इंदौर 1219 -252119039
भोपाल 531- 14642195
उज्जैन 108 -7172835
जबलपुर 105 -7643307
सागर 32 -570190
ग्वालियर 26 -2021408
रीवा 18 -2377296
सिंगरौली 10 -570190
सतना 08 -1558805
देवास 06 - 1695691
बुरहानपुर 06 -754680
कटनी 06 -47946
खंडवा 05 -46250
मुरैना 03 -1153813
छिंदवाड़ा 03 -397181
रतलाम 00 - 00
नगर निगमों में 2072 प्रकरणों में 292819568 रुपए जमा किए गए।
नगर पालिकाओं में 106 प्रकरणों में 1111900 रुपए जमा किए गए।
नगर परिषदों में 51 प्रकरणों में 586725 रुपए जमा किए गए।
193 नगर परिषदों में फिलहाल एक भी आवेदन नहीं आया।
Published on:
08 Dec 2021 03:58 pm
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