
electricity thieves : एक तरफ जहां मध्य प्रदेश में बिजली चोरी के मामलों पर लगाम लगाने के लिए बिजली विभाग द्वारा तमाम प्रयास किए जा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ बिजली चोरी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इससे बिजली कंपनियों का आर्थिक बोझ तेजी से बढ़ रहा है। लोग अलग-अलग जुगाड़ लगा कर अपना काम चला लेते हैं। हालांकि ऐसा करते पाए जाने पर उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई भी की जाती है। लेकिन, अब मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली चोरी के मामले में अफसरों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों की शिकायत सामने आने पर सीधे कार्रवाई नहीं करनी है।
दरअसल बिजली चोरों पर सरकार सख्त होने के बजाय उन्हें मौका देगी। चोरी प्रकरण में अब सीधे कार्रवाई न कर नोटिस और सुनवाई का मौका दिया जाएगा। नोटिस के लिखित उत्तर और सुनवाई में दिए गए जवाब के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी। इसे लेकर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये हैं।
हालांकि, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के गृह क्षेत्र ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर जिलों से ही सबसे ज्यादा बिजली चोरी के मामले सामने आते हैं। प्रदेश में भविष्य में बिजली चोरी के मामलों में बढ़ोत्तरी होगा या फिर इसमें कमी देखी जाएगी, ये तो भविष्य ही बताएगा। लेकिन ऊर्जा मंत्री के निर्देश के बाद अब बिजली चोरी प्रकरण में आने वाले लोगों को एक मौका दिया जाने वाला है।
Updated on:
13 Jun 2024 09:20 am
Published on:
13 Jun 2024 09:19 am
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