सिर्फ 4 घंटे में यहां बनाये जा रहे थे PAN आधार और DL , खबर मिलते ही पुलिस ने किया गिरफ्तार

सिर्फ 4 घंटे में यहां बनाये जा रहे थे PAN आधार और DL , खबर मिलते ही पुलिस ने किया गिरफ्तार
24 विभागों की सील से 4 घंटे में बनाकर देता था फर्जी पैन-आधार और ड्राइविंग लाइसेंस, गिरफ्तार

KRISHNAKANT SHUKLA | Updated: 24 Aug 2019, 03:25:02 PM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

12वीं तक पढ़ा फिर आधार कार्ड बनाने वाली एजेंसी में काम करने लगा युवक, इसके बाद उसने 24 विभागों सील बनाने की ट्रेनिंग ली और अस्सी फीट रोड पर दुकान खोलकर 4 घंटे बनाकर देने लगा पैन-आधार और ड्राइविंग लाइसेंस

भोपाल. क्राइम ब्रांच ने PAN, Voter ID, Aadhaar card, समेत Driving License, एवं संबल योजना के फर्जी कार्ड ( Fake ID Card ) बनाने वाले शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 24 अलग-अलग सरकारी विभागों की सील, कार्ड बनाने के उपकरण समेत अन्य सामान जब्त किया है। आरोपी ने पूछताछ में कबूला कि वह तीन महीने से यह गोरखधंधा कर रहा था।

 

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वह चार घंटे में कार्ड बनाने का दावा करता था। पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। एएसपी निश्चल एन झारिया ने बताया कि अशोका गार्डन निवासी 39 वर्षीय प्रदीप जैन की अस्सी फीट रोड पर दुकान है। वह दुकान में फर्जी पैन, आधार, वाहन रजिस्ट्रेशन कार्ड समेत ड्राइविंग लाइसेंस और संबल योजना के फर्जी कार्ड बनाने का काम करता था।

24 विभागों की सील से 4 घंटे में बनाकर देता था फर्जी पैन-आधार और ड्राइविंग लाइसेंस, गिरफ्तार

 

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फर्जी दस्तावेजों से लोन दिलाने का खेल

पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रदीप जैन फर्जी कार्ड बनाने के साथ ही कई तरह के कूटरचित दस्तावेज भी बनाता था। इनका उपयोग बैंक लोन के लिए किया जाता था। पूछताछ में प्रदीप ने बताया कि उसके बनाए गए दस्तावेजों से लोगों ने डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक का बैंक लोन लिया है।

 

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कार्ड बनाने की लीथी ट्रेनिंग

पुलिस की पूछताछ में पता चला कि प्रदीप 12वीं तक पढ़ा है। दुकान खोलने से पहले वह आधार कार्ड बनाने वाली एजेंसी में काम करता था। इसके बाद उसने सील बनाने की ट्रेनिंग ली और अस्सी फीट रोड पर दुकान खोलकर फर्जी कार्ड बनाने लगा। प्रदीप ने बताया कि तीन साल में उसने हजारों लोगों के फर्जी कार्ड बनाए हैं। इनकी वास्तविक संख्या उसे याद नहीं है।


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ऐसे बनाता था कार्ड

प्रदीप ने सभी तरह के असली कार्ड स्कैन कर कम्प्यूटर में सेव कर रखे थे। जब कोई ग्राहक कार्ड बनवाने आता था तो वह स्कैन कार्ड में एडिट कर उसे चार घंटे में ग्राहक को दे देता था। कार्ड जल्दी बनाने के एवज में वह शुल्क भी अधिक लेता था। बताया जा रहा है कि पैन कार्ड के लिए वह एक हजार तो ड्राइविंग लाइसेंस के लिए दो हजार रुपए वसूलता था। उसने संबल योजना के तहत मिलने वाली राशि का दस फीसदी कमीशन तय रखा था।

 

 

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चोरी के वाहन से पकड़ में आया आरोपी

क्राइम ब्रांच ने ऐशबाग निवासी शादाब और फरहान को पिछले दिनों चोरी के आरोप में पकड़ा था। उन्होंने बताया कि बाइक सम्राट कॉलोनी निवासी उज्ज्वल जैन को बेची हैं। उज्जवल से जब दस्तावेज मांगे तो उसने पुलिस को फर्जी आरसी दिखाया। सख्ती से की गई पूछताछ में उज्जवल ने बताया कि उसने प्रदीप जैन से यह कार्ड बनवाए हैं।

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