
coronavirus
भोपाल। कोरोनावायरस महामारी ने लोगों की सांसों की रफ्तार तक धीमी कर दी है। कोरोनावायरस (coronavirus)की दूसरी लहर देश में लोगों को बेहद परेशान कर रही है। इस लहर में कोरोनावायरस से पीड़ित लोगों को ऑक्सीजन कम होने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कई लोग घर पर ही ऑक्सीजन सिलेंडर को लगाए हुए है।
घर पर भी सही तरीके से ऑक्सीजन ट्रैक करने से यह स्पष्ट हो सकता है कि मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता है या नहीं। कई लोग ऐसे हैं, जो दिन में कई बार ऑक्सीजन लेवल चेक कर रहे हैं और रीडिंग में जरा भी अंतर आने पर घबरा रहे हैं। ऑक्सीमीटर की रीडिंग बिलकुल सटीक हो, इसकी कोई गारंटी नहीं है। कई बार ऑक्सीमीटर कम बैटरी या फिर तकनीकी कारणों से भी गलत रीडिंग बताता है। ऐसे में थोड़ा रुकें और अन्य विकल्प आजमाएं।
जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर
राजधानी के होम आइसोलेशन प्रभारी डॉ. हेमंत जैन ने बताया कि यदि ऑक्सीजन 95 से अधिक तो आप स्वस्थ हैं और यदि 90 से नीचे आ रहा है तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना है। लोगों ने महामारी से डरकर उपकरण तो खरीद लिए हैं, लेकिन उनके टॉलरेंट लेवल, बैटरी और अन्य क्षमताओं पर ध्यान नहीं रखते हैं। इससे कई बार विपरीत स्थिति बन जाती है ।
ध्यान रखें ये बातें....
-रीडिंग की जांच करने से पहले अंगुली साफ कर लें।
- अंगुली पर नाखून पॉलिश या रंग इत्यादि न लगा हो ।
- ऑक्सीमीटर को पूरे एक मिनट तक अंगुली पर लगाकर रखें। इस दौरान उसे स्टेबल रखें ।
- इसके बाद जब रीडिंग थम जाए तब उसे देखें ।
-ऑक्सीमीटर में रीडिंग नहीं थम रही है तो स्वस्थ व्यक्ति पर उपयोग करें।
-यदि स्वस्थ व्यक्ति पर भी रीडिंग नहीं थम रही तो ऑक्सीमीटर खराब हो सकता है।
Updated on:
07 May 2021 12:57 pm
Published on:
07 May 2021 12:57 pm
