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Teachers Day: शिक्षकों ने पेश की नई मिसाल, छात्रों के लिए अपनी तन्खा से किया ऐसा काम कि हर कोई रह गया हैरान

Teachers Day: शिक्षकों ने पेश की नई मिसाल, छात्रों के लिए अपनी तन्खा से किया ऐसा काम कि हर कोई रह गया हैरान
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भोपाल

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Deepesh Tiwari

•

Updated: 5 Sep 2018, 12:13 PM IST

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Teachers Day: शिक्षकों ने पेश की नई मिसाल, छात्रों के लिए अपनी तन्खा से किया ऐसा काम कि हर कोई रह गया हैरान

भोपाल. अध्यापन के साथ स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं जुटाकर कुछ शिक्षकों ने नई मिसाल पेश की है। शिक्षकों ने अपने वेतन से रुपए एकत्र कर स्कूल में तीन नए कमरे बनवा दिए। एक अन्य स्कूल में प्राचार्य ने समाज के सहयोग से स्कूल की दशा बदलने का बीड़ा उठा लिया है।
सरोजिनी नायडू कन्या विद्यालय में 1450 छात्राओं के लिए १८ कमरे। इनमें भी कुछ की टपकती छतें। छात्राओं के अनुपात में कमरे काफी कम थे। नए कमरों के साथ कुछ में मरम्मत की जरूरत थी। स्कूल प्रबंधन ने स्कूल शिक्षा विभाग से लेकर पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा। कई बार जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। कोई हल नहीं निकला तो शिक्षकों ने खुद पहल शुरू की।

स्कूल प्राचार्य हरिभवन सिंह तोमर बताते हैं कि कमरे बनवाने के लिए सबसे पहले अपनी ओर से २५ हजार रुपए दिए। इसके बाद शिक्षक उमेश बावल, सुधीर कलतेसर, एनके श्रीवास्तव, अमित सिंह, विनीता चौहान और पूनम श्रीवास्तव ने पांच-पांच हजार रुपए दिए। इसके अतिरिक्त स्टाफ के ६० सदस्यों ने एक-एक हजार का योगदान दिया। कुल जमा राशि एक लाख १५ हजार तक पहुंच गई। हमने स्कूल की छत पर अपने स्तर पर तीन कमरे बनवाने शुरू किए। एक महीने में ३० गुणा ४० के तीन कमरे बनकर तैयार हो गए।

रेत, गिट्टी से लेकर पंखों तक की व्यवस्था की
कमरे बनने में यह फंड भी कम पड़ा तो कई शिक्षकों ने टीन की शीट से लेकर घरों के पंखे तक लाकर दिए। कुछ ने कम पड़ रही रेत और सीमेंट की कुछ बोरियों और गिट्टी की व्यवस्था की। अब इनमें अंगे्रजी मीडियम की कक्षाएं लगाने का प्रस्ताव बनाया है।

अब बदल रही कालापीपल के स्कूल की तस्वीर
कोलार में कालापीपल हाई स्कूल के प्राचार्य श्रीप्रकाश विजयवर्गीय ने जर्जर भवन, बिना छत और दरवाजों के सुविधाघर और लाइट के लिए विभाग को पत्र लिखा। उच्च स्तर तक कई शिकायतों के बाद एक पखवाड़े पहले स्कूल में बिजली आ सका। अब वे निजी मदद से सुविधाघर ठीक करवाएंगे। लायंस क्लब प्रताप के आशीष जैन ने इसके लिए सहमति दी है।

शिक्षकों का सम्मान आज
वहीं शाहपुरा स्थित नरोन्हा प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागार में 5 सितंबर को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर चयनित शिक्षकों का सम्मान होगा। दोपहर १२ बजे से शुरू होने वाले कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यपाल आनंदी बेन पटेल होंगी। कार्यक्रम में महात्मा गांधी की 150वीं जन्म शताब्दी समारोह पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा जारी महात्मा गांधी नई तालीम अभियान का पोस्टर और नई तालीम के शिक्षण शास्त्र पुस्तक का राज्यपाल द्वारा विमोचन किया जाएगा।

निजी स्कूलों का बंद और शिक्षक करेंगे सम्मान समारोह का बहिष्कार
चुनावी वर्ष में शिक्षक दिवस राजनीति का शिकार होने जा रहा है। अपनी मांगों के समर्थन में प्रदेशभर में निजी स्कूल संचालकों ने बंद की घोषणा की है। इसी तरह वरिष्ठता के अनुसार पदनाम न मिलने से नाराज शिक्षक संघ सम्मान समारोहों में हिस्सा न लेने की घोषणा कर चुका है। सारे विरोधों के बीच शिक्षा विभाग ने शिक्षक दिवस के दिन ही दूसरी अपील में मान्यता निरस्त होने वाले निजी स्कूलों की मान्यता की पुनर्विचार सुनवाई रखी है।
इधर, सेवा बहाली एवं नियमितीकरण के लिए आंदोलनरत साक्षरता संविदा प्रेरक शिक्षक दिवस पर सभी जिलों में भीख मांगो आंदोलन कर विरोध दर्ज कराएंगे।

काली पट्टी बांधकर विरोध करेंगे शिक्षक
शिक्षक कोर कमेटी के सुभाष शर्मा ने बताया कि सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक, प्रधानाध्यपक को योग्यता और वरिष्ठता के अनुसार पदनाम न मिलने के विरोध में शिक्षक कांग्रेस, कर्मचारी कांग्रेस, मध्यप्रदेश तिथि अधिकारी संघ और अधिकारी कर्मचारी मोर्चा की ओर से निर्णय लिया गया है कि शिक्षक दिवस पर किसी तरह के सम्मान कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लिया जाएगा। इसके बाद छह सितम्बर से काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। १० सितम्बर से आंदोलन शुरू होगा।