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कमलनाथ ने गिनाईं मुख्यमंत्री कार्यकाल की उपलब्धियां, कांग्रेस में बढ़ी हलचल

kamal nath congress tenure कमलनाथ ने कहा: मेरे मुख्यमंत्री कार्यकाल में आदिवासी हित के कई कार्य किए गए, आदिवासियों को याद आ रहा कांग्रेस सरकार का दौर
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kamal nath enumerated the achievements of the congress tenure

Kamalnath (Photo Source: Social Media)

kamal nath - कांग्रेस के दिग्गज नेता, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष, पूर्व केंद्रीय मंत्री और प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ इन​ दिनों पार्टी कार्यक्रमों में तो ज्यादा नजर नहीं आते पर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपनी उ​पस्थिति दर्ज कराते रहते हैं। विश्व आदिवासी दिवस पर उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं। कमलनाथ ने न केवल बीजेपी को आदिवासियों के साथ अन्याय करनेवाला बताया बल्कि यह भी कहा कि अब लोगों को कांग्रेस का दौर याद आने लगा है। उनकी सक्रियता से कांग्रेस में भी हलचल बढ़ गई है।

मध्यप्रदेश में आदिवासी, कांग्रेस के परंपरागत वोटर रहे हैं। हालांकि उनके इस वोट बैंक में सेंध लग चुकी है पर पार्टी अपना वर्चस्व बनाए रखने की हर संभव कोशिश करती रहती है। आदिवासियों को लुभाने के लिए ही राहुल गांधी ने उमंग सिंघार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की कमान सौंपी थी।

विश्व आदिवासी दिवस पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने आदिवासियों को बधाई देते हुए उनके वास्तविक विकास के साथ न्याय और संवैधानिक अधिकारों के लिए हर संभव लड़ाई लड़ने का संकल्प व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की अस्मिता, अधिकार, जल-जंगल-जमीन और सम्मान की रक्षा ही सच्चे अर्थों में न्यायपूर्ण विकास की पहचान है!

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आदिवासी समाज को हमारी संस्कृति, परंपरा, प्रकृति संरक्षण और संघर्षशील विरासत का अभिन्न हिस्सा बताया। उमंग सिंघार ने कहा कि आदिवासियों का साहस, स्वाभिमान और प्रकृति के प्रति समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

पूर्व सीएम कमलनाथ ने विश्व आदिवासी दिवस पर कहा कि आज भाजपा की सरकार हर स्तर पर आदिवासी समुदाय के साथ अन्याय कर रही है। ऐसे में आदिवासी समुदाय को कांग्रेस सरकार के दौर की याद आने लगी है। कमलनाथ ने कहा कि मेरे मुख्यमंत्री कार्यकाल में आदिवासियों के हित के कई कार्य किए गए थे। उन्होंने अपने अनेक अहम कार्य भी गिनाए।

कमलनाथ ने इस मौके पर विशेष तौर पर मुख्यमंत्री मदद योजना चालू करने, वन मित्र पोर्टल की शुरुआत, अस्वीकृत वन अधिकार दावों की दोबारा जांच, वनभूमि से बेदखली रोकने की पहल करने और तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाने का जिक्र किया।

1 क्विंटल खाद्यान्न और 50 किलो शक्कर देने की व्यवस्था की

पूर्व सीएम कमलनाथ ने बताया कि मुख्यमंत्री मदद योजना 2019 में आदिवासियों के पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए 1 क्विंटल खाद्यान्न और 50 किलो शक्कर देने की व्यवस्था की गई थी। गांवों में सामूहिक उपयोग के बर्तन खरीदने के लिए ₹31.6 करोड़ मंजूर किए। उन्होंने वन मित्र पोर्टल की शुरुआत की बात कही। कमलनाथ ने बताया कि वन अधिकार कानून के तहत आदिवासियों के वनभूमि अधिकार संबंधी दावों को ऑनलाइन दर्ज और पारदर्शी तरीके से निराकृत करने के लिए यह पोर्टल शुरू किया गया था। हमने 20 आदिवासी जिलों की 89 जनपद पंचायतों की 5211 ग्राम पंचायतों को टैबलेट खरीदने के लिए प्रति पंचायत ₹15000 दिए। उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने पहले खारिज किए गए आदिवासी परिवारों के वन अधिकार दावों की पुनः समीक्षा करने का निर्णय लिया। जून 2019 में करीब 3.5 लाख अस्वीकृत दावों पर पुनर्विचार की घोषणा की। वनभूमि से बेदखली रोकने की पहल करते हुए मंत्रिमंडलीय समिति गठित कर आगे की कार्रवाई तय की।

तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाई

आदिवासियों के लिए कमलनाथ ने मुख्य रूप से तेंदूपत्ता संग्रहण की दरें बढ़ाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण की दर ₹2000 से बढ़ाकर ₹2500 प्रति मानक बोरा की। इस प्रकार संग्रहकर्ताओं को ₹500 अतिरिक्त मिलने लगे थे।