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किसान आंदोलन LIVE: MP में बेअसर रहा गांव बंद, फेंकने की जगह गरीबों में बांट रहे दूध और सब्जी

किसान आंदोलन LIVE: MP में बेअसर रहा गांव बंद, फेंकने की जगह गरीबों में बांट रहे दूध और सब्जी

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भोपाल

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Manish Geete

Jun 05, 2018

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किसान आंदोलन LIVE: MP में बेअसर रहा गांव बंद, फेंकने की जगह गरीबों में बांट रहे दूध और सब्जी

भोपाल। 1 जून से शुरू हुआ देशव्यापी किसान आंदोलन बीच में ही फ्लाप होता नजर आ रहा है। पांचवे दिन भी मध्यप्रदेश में यह आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से ही चल रहा है। इससे पहले आंदोलन उग्र होने की आशंका में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया था। गांव-गांव प्रशासन ने किसानों को समझाने का प्रयास किया था।

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में गांव बंद के पांचवे दिन भी सब्जी और दूध सुचारू रूप से आई। मंडी में भी सब्जी की आवक में कोई कमी देखने को नहीं मिली।

-सीहोर जिले से भी खबर है कि वहां रोज की ही तरह मंगलवार को भी मंडी में कामकाज शुरू हुआ। यहां भी आम दिनों की तरह ही किसान अपनी उपज लेकर आए थे।

-मंदसौर से खबर है कि यहां भी किसान अब आंदोलन के मूड में नहीं दिख रहे हैं। रोज की ही तरह फल-सब्जी और दूध शहर भेजी जा रही है। कई उकसावे के बावजूद किसान नहीं भड़क रहे हैं।

भोपाल में गरीबों में सब्जी बांटकर किया प्रदर्शन
सोमवार को कम भाव मिलने और लागत नहीं निकलने से किसानों ने आक्रोश व्यक्त किया और नीलबड़ चौराहे पर आने जाने वाले राहगीरों को फ्री में सब्जी बांटी। फ्री सब्जी बंटने की खबर से चौराहे पर काफी भीड़ लग गई। किसानों ने इस अवसर पर कहा कि उन्होंने महंगी दरों पर बीज लेकर बोया था, लेकिन जो भाव चल रहे हैं, उससे लागत नहीं निकल रही। इससे अच्छा है कि लोगों को फ्री में ही सब्जियां उपलब्ध करा दी जाए।

इधर नवबहार और थोक करोंद फल-सब्जी मंडी में भी सोमवार को सब्जियों की सामान्य से कम आवक रही। कारोबारियों ने बताया कि सब्जी कम आने का कारण भीषण गर्मी से सब्जियों की तुडाई कम होना एवं किसान आंदोलन के चलते किसी अनहोनी की आशंका से वाहन लोड नहीं करना है। मंडियों तक आने वाले वाहन अब ज्यादा भाड़ा मांग रहे हैं। मंडी में दूर से आने वाली सब्जियों में तेजी आ गई है। अदरक और शिमला मिर्च के भाव 12 से 15 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। सब्जी कारोबारी हरिओम खटीक ने बताया कि किसान आंदोलन से सब्जियों के दामों पर फिलहाल ज्यादा असर नहीं हो रहा। लेकिन आगे कुछ कहा जा सकता।

अब 6 जून का है टेंशन
सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ समय पहले अपनी रिपोर्ट में सरकार को चेताया था कि 6 जून के बाद आंदोलन भड़क सकता है। इसमें हिंसा और उपद्रव की भी आशंका व्यक्त की गई थी। क्योंकि 6 जून को ही पिछले साल मंदसौर में हुए उग्र किसान आंदोलन में पुलिस फायरिंग में 7 किसान मारे गए थे। इसके बाद प्रदेशभर में हाईवे पर उपद्रव हुआ था। कई यात्री बसों को आग के हवाले कर दिया था कई ट्रेनों को रोक दिया गया था।

कल ज्यादा 6 जून के लिए अलर्ट है पुलिस प्रशासन
इसे देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने सभी क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पुलिस पहले से ही अलर्ट पर है। जहां-जहां भी पिछले साल बसों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था वहां सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। हाईवे पर अतिरिक्त गश्त की जा रही है। इसके अलावा मध्यप्रदेश पुलिस अतिरिक्त पुलिस बल की भी मदद ले रही है।
-मंदसौर जिले में आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है।
-राजस्थान की सीमा से मध्यप्रदेश में आने वाले लोगों पर भी नजर रखी जा रही है। मंदसौर जिले की सीमाएं सील कर दी गई है। क्योंकि 6 जून को बरसों की मौके पर कई नेता मंदसौर में रैली करने वाले हैं। कहीं कोई अप्रिय स्थिति नहीं हो जाए, इसे देखते हुए प्रशासन ज्यादा ही सतर्क हो गया है।