
राजधानी भोपाल में एक बार फिर तेंदुए का आतंक देखने को मिला। वन विभाग की टीम ने भोपाल के आर्मी क्षेत्र से एक खूंखार तेंदुए को पकड़ा है। यह तेंदुआ पिछले कुछ दिनों से आर्मी क्षेत्र में बार-बार नजर आ रहा था। फारेस्ट और उद्यानिकी विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद सोमवार को इसे पिंजरे में कैद कर लिया।
भोपाल के आर्मी क्षेत्र स्थित पोलो ग्राउंड से फारेस्ट विभाग और उद्यानिकी विभाग की टीम ने मिलकर एक खूंखार तेंदुए को दबोचा है। पिछले 15 दिनों से इस तेंदुए ने आर्मी क्षेत्र और आसपास के इलाके में दहशत बना रखी थी। पूरा आर्मी क्षेत्र दहशत में था। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए थे। सोमवार को सुबह ही यह तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। फारेस्ट विभाग और उद्यानिकी विभाग की टीम ने तेंदुए के पकड़े जाने पर खुशी भी मनाई। द्रोणांचल पहाड़ी स्थित आर्मी क्षेत्र के लोगों ने भी राहत की सांस ली है। गौरतलब है कि तेंदुआ जहां पकड़ा गया, उस इलाके में कही रहवासी कॉलोनी है। माना जा रहा है कि यह तेंदुआ शहर में घुसने के बाद मनुआभान टेकरी से लेकर द्रोणांचल आर्मी क्षेत्र सहित गांधीनगर जेल के आसपास के जंगलों में मूवमेंट कर रहा था।
तेंदुआ स्टेट है मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश तेंदुओं की संख्या के हिसाब से भी तेंदुआ स्टेट है। कैट प्रजाति के तेंदुआ को बेहद चालाक जानवर माना जाता है। मध्यप्रदेश में इनकी संख्या 3427 के करीब है। तेंदुआ मध्यप्रदेश के लगभग सभी अभ्यारण में मौजूद हैं। जंगल सफारी पर जाने वाले कई वन्य जीव प्रेमियों को यह नजर आते रहते हैं।
15 दिन से थी दहशत
भोपाल शहर की नई जेल से लेकर मनुआभान टेकरी तक इसने दहशत बना रखी थी। द्रौणांचल पर्वत पर बने आर्मी रेजिमेंट तक के लोग दहशत में थे। पिछले कुछ दिनों से आर्मी से लेकर फारेस्ट विभाग की टीम चिंतित थी। किसी बड़ी घटना की आशंका में लोग घरों से बहार नहीं निकल पा रहे थे। यह पहला मौका है जब कई बार तेंदुआ भोपाल शहर में घुस चुका है, लेकिन पकड़ में पहली बार आया है। इससे पहले नवीबाग में बाघ घुस गया था, जिसे पकड़ा गया था।
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पहले भी दिख चुका है तेंदुआ
यह पहला मौका है जब तेंदुआ कई बार शहर में आया लेकिन पकड़ा गया। इससे पहले भी कई बार तेंदुआ पुरानी जेल के आसपास नजर आ चुका है। बताया जाता है कि इस तरफ समरधा के जंगलों की तरफ से वन्य प्राणी शहर की तरफ आ जाते हैं। इससे पहले नवी बाग में एक बाघ पकड़ाया था, जो रायसेन के ही समरधा के जंगलों से आ गया था। भोपाल के रातापानी सेंचुरी की तरफ से भी बाघों का लगातार मूवमेंट देखा गया है। यहां तो केरवा पहाड़ी पर पांच टाइगर हमेशा रहते हैं। इस पहाड़ी क्षेत्र में किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है। इससे पहले तेंदुआ रातापानी सेंचुरी की तरफ से शाहपुरा क्षेत्र में भी आ चुका है। वहीं एक तेंदुए ने आईआईएफएम क्षेत्र में भी कई बार उत्पात मचाया था।
कॉलेज परिसर में दिखा था तेंदुआ
इससे पहले 2018 में भी एक तेंदुआ राजाभोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्कूल आफ प्लानिंग एंड आर्कीटेक्चर इंस्टीट्यूट में घुस गया था। इंस्टीट्यूट के सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया था। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने काफी कोशिश की, लेकिन वो पकड़ में नहीं आ सका था।
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Updated on:
10 Jul 2023 03:51 pm
Published on:
10 Jul 2023 03:27 pm
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