
छत्तीसगढ़ की राह पर मध्य प्रदेश : शराब की होम डिलीवरी करने की तैयारी में सरकार
भोपाल/ मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण के चलते लगे लॉकडाउन के कारण शराब बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा हुआ है। ऐसे में शासन को बड़ी राजस्व हानि का सामना करना पड़ रहा है। इसी के चलते आबकारी विभाग की ओर से एक बार फिर शिवराज कैबिनेट को शराब की होम डिलीवरी का प्रस्ताव भेज दिया गया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो, ऐसा करने से शराब बिक्री पर होने वाली हानि से भी बचा जा सकेगा।
UP के बाद अब MP की इस नदी में बहती मिली कई लाशें, ग्रामीणों में दहशत, कोरोना ग्रस्त शव होने की आशंका
[typography_font:14pt;" >भाजपा ने किया था भूपेश सरकार के फैसले का विरोध
पिछली बार जब छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने प्रदेश में इसी तरह का फैसला लागू किया था, तो भारतीय जनता पार्टी ने ही इसका पुरजोर विरोध और आलोचना की थी। फिलहाल, ये अभी मात्र एक विभाग की ओर से कैबिनेट को भेजा गया एक प्रस्ताव है। इस पर किसी भी तरह की नीति को लेकर शिवराज कैबिनेट में किसी तरह की चर्चा अब तक नहीं कीगई है। हालांकि, मंगलवार को हुई बैठक मेंलाइसेंस फीस पर बढ़ाए जाने वाले 5 फीसदी शुल्क बढ़ाकर ठेका रिन्यू करने का प्रस्ताव भी फिलहाल 10 माह तक के लिये टाल दिया गया है।
MP के इन शहरों से होगी शुरुआत!
आबकारी सूत्रों का कहना है कि प्रस्तावित नीति से नई शराब दुकानें खोलने का बिंदु हटा दिया गया, लेकिन विदेशी शराब की ऑनलाइन बिक्री बिंदु है। जिसे कैबिनेट में स्वीकृति के लिए भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि पहले चरण में प्रदेश चारों बड़े शहरों इनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में शुरू की जाएगी। हालांकि, इससे पहले कमर्शियल डिपार्टमेंट के प्रस्ताव के मुताबिक, कोरोना महामारी के चलते शारीरिक दूरी का पालन कराने के उद्देश्य से हरियाणा, दिल्ली, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, बंगाल, पंजाब, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और तमिलनाडु में शराब की ऑनलाइन डिलीवरी की जाती है। हालांकि, मध्य प्रदेश में सिर्फ विदेशी शराब की ऑनलाइन बिक्री होगी।
छग की तर्ज पर मोबाइल एप का प्रस्ताव में जिक्र
प्रस्ताव में छत्तीसगढ़ की तर्ज पर नए सिस्टम को संचालित करने के लिए मोबाइल एप बनाने का उल्लेख भी किया गया है। इसके माध्यम से दुकान संचालक को ऑर्डर मिलेगा। इसके लिए उपभोक्ता का मतदाता परिचय पत्र, आधार कार्ड आदि पहचान पत्र के माध्यम से सत्यापन करने के बाद एप पर रजिस्टर्ड किया जाएगा। 21 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। एप पर उपभोक्ता के निवास स्थान से पास की दुकानों में शराब के स्टॉक और दर की सूची प्रदर्शित होगी।
शराब डिलीवरी करने वालों को दिया जाएगा परमिट
आबकारी विभाग की और से दिये गए प्रस्ताव के मुताबिक, शराब की होम डिलीवरी करने वाले को परमिट मिलेगा। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से न सिर्फ खपत में वृद्धि होगी, बल्कि वैध शराब की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। अवैध शराब बिकने से रुकेगी और दुकानों पर भीड़ कम लगेगी। घर पर शराब की उपलब्धता होने से शराब पीकर वाहन चलाने से होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
कोरोना वैक्सीन से जुड़े हर सवाल का जवाब - जानें इस वीडियो में
Updated on:
12 May 2021 10:15 am
Published on:
12 May 2021 10:15 am
