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4 सवालों में उलझी मीनाक्षी नटराजन, नामांकन रद्द होने पर घिरे एमपी के दिग्गज कांग्रेसी

Meenakshi Natarajan - केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और एक पूर्व मंत्री कांग्रेस के कद्दावर नेताओं पर सवालिया निशान लगा चुके, बीजेपी ने अब मीनाक्षी नटराजन को भी घेरा , उनकी भूमिका पर कई सवाल उठाए

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Meenakshi Natarajan faces questions following the cancellation of her nomination

Meenakshi Natarajan- मीनाक्षी नटराजन Patrika File photo

Meenakshi Natarajan Case- एमपी से राज्यसभा की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन Meenakshi Natarajan का नामांकन रद्द होने पर कांग्रेसी सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उधर दिल्ली में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मुलाकात करने पहुंच चुका है। केस की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की तैयारी भी चल रही है। राज्यसभा की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के मुद्दे पर जहां कांग्रेसी हंगामा कर हैं वहीं बीजेपी उनके ही दिग्गज नेताओं की भूमिका पर सवाल उठा रही है। पार्टी ने प्रेस वार्ता में दिग्विजय सिंह की खामोशी को सबसे बड़ा बयान करार दिया है। इससे पहले केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और एक अन्य पूर्व मंत्री कांग्रेस के कद्दावर नेताओं पर सवालिया निशान लगा चुके हैं। बीजेपी ने अब राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को भी घेरा है। उनकी भूमिका पर कई सवाल उठाए हैं।

भाजपा के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी ने कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन पर राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन में जानकारी छिपाने का आरोप लगाया। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि नटराजन पर तेलंगाना में परिवाद दर्ज है। शिकायतकर्ता ए. श्रीलता ने हैदराबाद की 'फोर्थ एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट' की कोर्ट में नटराजन व अन्य के खिलाफ याचिका लगाई।

राहुल कोठारी के अनुसार मामले में मीनाक्षी नटराजन आरोपी नंबर-4 है। उन पर बीएनएस की धारा 356, 61, 45, 46, 351(2), 3(5) और 79 आरोपित की गई है। 20 अगस्त 2025 को यह केस कोर्ट में गया। यदि प्रकरण नामांकन के समय अस्तित्व में था तो शपथ पत्र में यह जानकारी नहीं दी गई। शिकायतकर्ता कोठारी ने इस आधार पर नटराजन का नामांकन रद्द करने की मांग की।

एक्सपर्ट बोल दे तो वकालत छोड़ दूंगा:

मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता अजय गुप्ता ने कहा कि सिर्फ एक आधार पर नामांकन रद्द किया गया। हैदराबाद की कोर्ट में नटराजन को बीएस की धारा 223 में नोटिस दिया था। मीनाक्षी ने शपथ पत्र में यह जिक्र नहीं किया। इसे जानकारी छिपाने की संज्ञा देकर नामांकन रद्द किया। हमने जवाब दिया था कि नोटिस प्रोविजन के तहत है। मेरा दावा है, कोई लीगल एक्सपर्ट कह दे कि इस आधार पर नामांकन रद्द हो सकता है तो मैं वकालत छोड़ दूंगा।

बीजेपी ने कांग्रेस के दिग्गजों को घेरा

मीनाक्षी नटराजन के मुद्दे को कांग्रेस नारी सम्मान से भी जोड़ रही है। इधर बीजेपी, नामांकन रद्द होने को कांग्रेस की ही चूक बताते हुए उनके दिग्गज नेताओं की भूमिका पर सवाल उठा रही है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने तो मंगलवार को ही कह दिया था कि मीनाक्षी नटराजन के दस्तावेज हमारे पास थे ही नहीं। पूरे कागजात कांग्रेसियों ने ही मुहैया कराए। बीजेपी ने वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की खामोशी को भी अपना ​हथियार बनाया है। कांग्रेस की रात को हुई प्रेस कान्फ्रेंस में उनके न बोलने को मुद्दा बना लिया है।

बीजेपी ने कांग्रेस के नारी अपमान के नारे का भी जवाब दिया है। तेलंगाना में कांग्रेस नेता कुंभम शिवकुमार रेड्डी पर एक महिला कार्यकर्ता द्वारा शादी का झांसा देकर शोषण, ब्लैकमेल और धमकी जैसे गंभीर आरोपों की शिकायत तथा प्रकरण दर्ज होने के बावजूद उचित कदम नहीं उठाने पर तत्कालीन प्रभारी मीनाक्षी नटराजन से सीधे सवाल किए। बीजेपी ने इसे
कांग्रेस का “नारी सम्मान का दिखावा” करार दिया।

कांग्रेस और मीनाक्षी नटराजन पर महिला सम्मान पर दोहरे मानदंडों का आरोप

बीजेपी ने कांग्रेस और मीनाक्षी नटराजन पर महिला सम्मान पर दोहरे मानदंडों का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा है कि
उन्हें देश की महिलाओं और जनता को जवाब देना चाहिए-

  1. क्या महिला कार्यकर्ता की शिकायत को गंभीरता से लिया गया?
  2. आरोपों की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
  3. नामांकन पत्र में महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने का प्रयास क्यों किया गया?
  4. क्या राजनीतिक संरक्षण के कारण सच्चाई को दबाने की कोशिश हुई?