
भोपाल. मां न सिर्फ जन्मदाता है बल्कि अपने बच्चों की वो सबसे बड़ी रक्षक भी होती है। कोई भी कष्ट आए तो सबसे पहले मां ही उसका मुकाबला करती है। कुछ यही कहानी है शिवपुरी की लक्ष्मीबाई की। अपनी 27 वर्षीय बेटी के जीवन को बचाने के लिए अब वो किडनी दान करेंगी। मां लक्ष्मीबाई का कहना है कि 'मैंने जन्म दिया है और अब मैं ही नया जीवन भी दूंगी...संतान से बढ़कर एक मां के लिए दुनिया में कुछ भी नहीं।'
जवान बेटी को किडनी देगी मां
लक्ष्मीबाई की 27 वर्षीय विवाहिता बेटी संगीता (परवर्तित नाम ) का साल 2016 में पहली डिलेवरी के समय ब्लड प्रेशर बहुत बढ़ गया। जांच में क्रिएटिनिन बढ़ा हुआ आया। भोपाल में डायलिसिस के बाद क्रिएटिनिन कम हो गया लेकिन फिर से समस्या होने पर पता चला कि किडनी सिकुड़ गई है। महज 27 साल की उम्र में किडनी खराब होने से संगीता (परवर्तित नाम) का परिवार चिंतित हो गया।
बेटी से बढ़कर मेरे लिए दुनिया में कुछ नहीं- लक्ष्मी बाई
संगीता की जान बचाने के लिए डॉक्टरों ने एक ही विकल्प बताया। वो था किसी की किडनी मिलना। असमंजस में पड़ा परिवार कोई निर्णय लेता, इससे पहले ही लक्ष्मी बाई बोल पड़ीं। कहा, मैंने जन्म दिया है तो अब भी मैं ही नया जीवन भी दूंगी। मेरी दोनों किडनी ले लो, बेटी को कुछ नहीं होना चाहिए। लक्ष्मी की हालत भी ठीक नहीं रहती, सो परिजनों ने मना किया लेकिन वो नहीं मानी, सबकी अनसुनी कर किडनी देने की जिद पकड़ ली। जिद के आगे हारे परिजन हमीदिया आए और जांच कराई। डॉक्टरों ने मां- बेटी के फिटनेस टेस्ट सहित सभी जांचें कर ट्रांसप्लांट की तैयारी कर ली है। मां लक्ष्मीबाई कहती हैं कि संतान से बढ़कर मां के लिए और कुछ नहीं।
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Published on:
11 Dec 2021 08:58 pm
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