
चुनावी अदालत में बोले मंत्री, कांग्रेस के 55 और भाजपा के 15 साल पर जनता ले फैसला
भोपाल. मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 को लेकर चुनावी घमासान मचा गया है। पत्रिका चुनावी अदालत में बुधवार को दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने भोपाल स्थित पत्रिका कार्यालय पहुंचकर जनता के सवालों के जवाब दिए। इस दौरान मंत्री से शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास, चिकित्सा और अतिक्रमण को लेकर सवाल पुछे गए।
मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि शिक्षा में और भी सुधार करने की जरूरत है। इस क्षेत्र में लगातार प्रयास किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि बैतूल में स्कूली बिल्डिंग व्यवस्था का प्रयोग किया जा रहा है. यदि बैतूल जिले का यह मॉडल सक्सेज रहा तो प्रदेश भर में लागू किया जाएगा।
इस मॉडल में निश्चित स्थान पर एक ही स्कूल बिल्डिंग बनायी जाएगी। जिससे वहां पर अच्छी शिक्षा संबंधी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सके। इस मॉडल से एक ही क्षेत्र में कई बिल्डिंग के निर्माण से निजात मिलेगी और प्रदेश छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सकेंगी।
अतिक्रमण के मुद्दे पर मंत्री उमाशंकर ने कहा, प्रदेश 2003 की तुलना में अतिक्रमण को कम किया गया है। पहले मध्यप्रदेश सड़क, बिजली, पानी और अस्पताल में स्थिति में सुधार हुआ और भाजपा सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि प्रदेश के हर वर्ग के लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिल सके। जनता से मिल रहे सुझाव को भी हम आने वाले दिनों में अमल करेंगे। साथ ही जनता द्वारा मिले अच्छे सुझाव पर भाजपा सरकार जमीनी स्तर पर लाने का प्रयास करेगी।
नेता जी भूल जाते है चुनावी वादें
प्रदेश की राजधानी में सरकार लगातार झुग्गी बस्ती को खत्म करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च तो किए लेकिन अभी भी झुग्गियों को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सका। जनता ने मंत्री से सवाल किया कि झुग्गियों को खत्म करने के लिए सरकार ने पक्के मकान तो बनाए थे लेकिन उसके बाद भी झुग्गियों कि संख्या कम नहीं हुए।
क्या इसमें सरकार का वोट बैंक है ? जवाब में मंत्री ने कहा, हां इस मुद्दे पर वोट की राजनीति होती है लेकिन भाजपा सरकार ने पहले कि अपेक्षा इस पर सख्ती की है यही कारण है कि पक्के मकान बेचने वाले दलालों में अब कमी आयी है। और इन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। मकानों में रह रहे रहवासी कभी-कभी खूद मकान के टैक्स जमा करने में लापरवाही करते है जिससे उन्हे कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
मंत्री ने आरोपों को किया दरकिनार
पत्रिका के चुनाव अदालत में जब जनता ने कहा कि मंत्री क्षेत्र में लोगों से मिलने और जन सुनवाई के मुद्दे पर सवाल खड़े किए तो उन्हों ने कहा कि मैं प्रतिदिन 9 से 10.30 तक आम जनता से मिलता हूं। लेकिन कभी-कभी किसी आवश्यक कार्यों से बाहर जाने पर यहा मुश्किल होता है। फिर इस पर मंत्री पूरे तरह अस्वस्थ हुए कि इसमें कोई भी आरोप नहीं लगा सकता। चुनावी दौर में विपक्ष ही ऐसे आरोप लगाते रहते है।
जनता आप ही को क्यों दें वोट ?
मंत्री उमाशंकर से जब जनता ने ये सवाल किया कि जनता आप ही को वोट क्यों तो दूसरे को क्यों दें वोट इस पर पहले भाजपा के 15 साल और कांग्रेस के 55 साल के काम-काज पर समीक्षा करें। जनता उस नेता को ही वोट करे जिस नेता ने कामकाज किए हो।
Updated on:
14 Nov 2018, 2:46 PM IST
Published on:
14 Nov 2018, 2:40 PM IST
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