
पेड़ों से चिपककर रोने लगी थीं महिलाएं।
MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंत्रियों और विधायकों के लिए बनाए जाने वाले आवासों के लिए कथित तौर पर 29 हजार पेड़ काटे जाने के प्लान को लेकर मध्य प्रदेश सरकार आखिरकार बैकफुट पर आ गई। शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस मामले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने X अकाउंट पर पेड़ों के काटे जाने के प्रस्ताव को अस्वीकृत किए जाने और अन्य विकल्प तलाशने की बात कही है।
बता दें कि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के तुलसी नगर और शिवाजी नगर इलाके में माननीयों के बंगले बनाने के लिए इलाके में हजारों की तादाद में लगे पेड़ों को काटने की तैयारी थी। सरकार के इस फैसले पर स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। खासतौर पर महिलाओं ने इस मामले पर अनोखे तरीके से विरोध जताया। हजारों पेड़ों को कटने से बचाने के लिए ये महिलाएं पेड़ों से चिपक गईं। महिलाओं के इस तरह विरोध को लेकर 'चिपको मूवमेंट' नाम दिया गया है। बता दें कि इस चिपको आंदोलन में महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में बच्चे, पुरुष और बुजुर्ग भी शामिल थे। इनका कहना था कि पेड़ नहीं रहेंगे तो हम भी नहीं रहेंगे।
शुक्रवार 14 जून को मामला सामने आने के बाद से ही मोहन सरकार की पेड़ काट कर माननियों के लिए घर बनाने के प्रोजेक्ट पर राजधानी भोपाल के तुलसी नगर और शिवाजी नगर के स्थानीय रहवासी लगातार पेड़ों को काटने के विरोध में प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था। इस पर सोमवार 17 जून को शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने X पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि अब सरकार वैकल्पिक जगह का चुनाव करेगी।
कैलाश विजयवर्गीय ने इस पोस्ट में लिखा है कि 'नए भोपाल के पुनर्घनत्वीकरण योजना के पर्यावरण संरक्षण एवं क्षेत्र में विद्यमान वृक्षों को देखते हुए प्रस्तुत प्रस्ताव को संपूर्ण विचारोपरांत अस्वीकृत कर अन्य वैकल्पिक स्थानों के परीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। नवीन प्रस्ताव हेतु प्रारंभिक स्तर पर भी नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से विचार विमर्श भी किया जाएगा।'
Updated on:
17 Jun 2024 04:31 pm
Published on:
17 Jun 2024 04:27 pm
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