15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नागरसिंह चौहान से अभी तक खफा हैं सीएम! मंत्री को भेज दिया 900 किमी दूर

Nagar Singh Chauhan

3 min read
Google source verification
Nagar Singh Chauhan Minister Nagar Singh Chauhan CM Mohan Yadav

Nagar Singh Chauhan Minister Nagar Singh Chauhan CM Mohan Yadav

Nagar Singh Chauhan Minister Nagar Singh Chauhan CM Mohan Yadav एमपी के मंत्री नागरसिंह चौहान के सितारे इन दिनों ठीक नहीं चल रहे। उनसे जब वन विभाग छीनकर मंत्री रामनिवास रावत को दे दिया गया तो वे गुस्सा उठे थे। उन्होंने अपनी सांसद पत्नी के साथ इस्तीफा देने का ऐलान कर पार्टी और सरकार को खुली धमकी दे दी थी। लगता है, मंत्री नागर सिंह चौहान की यह धमकी सीएम मोहन यादव अभी भूले नहीं हैं। मंत्रियों को जिले के प्रभार देने में यह बात सामने आ रही है।

स्वतंत्रता दिवस के महज 3 दिन पहले यानि 12 अगस्त को सीएम मोहन यादव ने अपने मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों को जिले के प्रभार बांट दिए थे। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ मत्रियों को दो जिलों के प्रभार दिए जब​कि शेष मंत्रियों को केवल एक जिला ही दिया।

यह भी पढ़ें : एमपी में बड़ा बदलाव, भोपाल की जगह बनी नई धार्मिक राजधानी, शिफ्ट हुए अफसर

मंत्री नागरसिंह चौहान को भी दो जिलों का प्रभार दिया गया।उन्हें आगर और उमरिया जिलों का प्रभारी बनाया गया है। विशेष बात यह है कि ये दोनों जिले नागरसिंह चौहान के गृह नगर अलीराजपुर से खासे दूर हैं। उमरिया तो करीब 9 सौ किमी दूर है। मंत्रियों के गृह नगरों से प्रभार वाले जिला मुख्यालय की यह सर्वाधिक दूरी है। अलीराजपुर से उमरिया तक के कार के सफर में मंत्री नागर सिंह चौहान को कम से कम 12 घंटे लगेंगे।

यह भी पढ़ें : कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान, देश में गृहयुद्ध छिड़ने की आशंका जताई, मची खलबली

तथ्य यह भी है कि नागरसिंह चौहान से कनिष्ठ कई मंत्रियों को उनके गृह नगरों से बिल्कुल पास के जिलों का प्रभार दिया गया है। मंत्री कृष्णा गौर को सीहोर और टीकमगढ़ का प्रभार दिया गया है। सीहोर तो उनके गृह नगर भोपाल से केवल 38 किमी दूर है। मंत्री कृष्णा गौर का प्रभार का दूसरा जिला टीकमगढ़, भोपाल से 278 किमी दूर है।

यह भी पढ़ें : एमपी में विधायकों के मां-पिता का देहांत, राखी के पर्व पर घर में पसरा मातम

इनकी तुलना में मंत्री नागर सिंह चौहान को खासा दूर जाना पड़ रहा है। उनके प्रभार वाला आगर जिला मुख्यालय जहां गृह नगर अलीराजपुर से 307 किमी दूर है वहीं उमरिया जिला मुख्यालय तो पूरे 870 किमी दूर है। इस प्रकार जहां मंत्री कृष्णा गौर अपने गृह नगर से महज आधा घंटे में ही सीहोर पहुंच जाएंगी वहीं मंत्री नागर सिंह चौहान को गृह नगर से उमरिया पहुंचने के लिए 12 घंटे से भी ज्यादा का समय लगेगा।

यह भी पढ़ें : लाड़ली बहना की राशि बढ़ाने का सीएम का बड़ा ऐलान, ट्वीट कर दी खुशखबरी

डा. मोहन यादव के मंत्रिमंडल में आदिवासी कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान अलीराजपुर से विधायक हैं। नागर सिंह चौहान को पहले वन और पर्यावरण विभाग भी दिया गया था लेकिन बाद में रामनिवास रावत को यह दायित्व दे दिया गया।इससे नागरसिंह चौहान नाराज हो गए और इस्तीफे की धमकी दे डाली।

मंत्री नागर सिंह चौहान ने नाखुशी जताते हुए कहा था कि मैं 25 साल से पार्टी के लिए काम कर रहा हूं। बीजेपी में आज तक ऐसा नहीं हुआ कि किसी कार्यकर्ता की नहीं सुनी गई हो।वन विभाग का दायित्व छीने जाने को उन्होंने प्रदेश के आदिवासियों का भी अपमान बताया। मंत्री नागर सिंह चौहान ने रतलाम से सांसद पत्नी अनीता सिंह चौहान के साथ त्यागपत्र देने की धमकी दी थी।

नागर सिंह चौहान अलीराजपुर विधानसभा से चौथी बार विधायक चुने गए हैं। वे बीजेपी में कई अहम पदों पर रहे। अलीराजपुर नगरपालिका के अध्यक्ष भी रहे। नागरसिंह चौहान 2003 में पहली बार विधायक बने और इसके बाद 2008, 2013 और 2023 में भी विधायक बने। उन्हें पहली बार मंत्री बनाया गया। दिसम्बर 2023 को नागरसिंह चौहान ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ली थी।