
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं एवं 12वीं परीक्षा के परिणाम घोषित किए।
MP Board Result- माध्यमिक शिक्षा मंडल यानि एमबी बोर्ड की 10 वीं और 12 वीं परीक्षाओं का परिणाम घोषित कर दिया गया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने सीएम हाउस में बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट जारी किया। बोर्ड के रिजल्ट में छात्राओं ने एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन किया है। 12 वीं में भोपाल के सुभाष एक्सीलेंस स्कूल की खुशी राय और भोपाल के ही नीलबड़ के गुरुदेव शिक्षा केन्द्र की चांदनी विश्वकर्मा ने मेरिट लिस्ट में पहला स्थान प्राप्त किया। दोनों छात्राओं को 500 में से 494 अंक प्राप्त हुए। बोर्ड की 12 वीं की हायर सेकेंडरी परीक्षा 2026 के रिजल्ट में पिछले डेढ़ दशक से भी ज्यादा समय का नया कीर्तिमान बना है। इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुशी जताई है। उन्होंने प्रदेश की इस उपलब्धि पर ट्वीट भी किया।
12 वीं परीक्षा में पास छात्राओं का प्रतिशत 79.41 रहा जबकि छात्रों का प्रतिशत 72.39 रहा। इनमें नियमित छात्रों का प्रतिशत 76.01 है जबकि स्वाध्यायी छात्रों का प्रतिशत 30.60 दर्ज किया गया। परीक्षा परिणाम में प्रदेश में झाबुआ पहले स्थान पर और अनूपपुर दूसरे स्थान पर रहा।
एमपी बोर्ड की हायर सेकेंडरी परीक्षा में कुल 689746 परीक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें 613634 नियमित और 76112 प्राइवेट परीक्षार्थी थे। इस परीक्षा में 4 लाख 48 हजार परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। 10 फरवरी से 7 मार्च 2026 के बीच आयोजित की गई बोर्ड की हायर सेकेंडरी परीक्षा में करीब 1 लाख 99 हजार छात्र फेल हुए हैं। इस बार किसी भी छात्र को पूरक घोषित नहीं किया गया है। नई शिक्षा नीति के अनुसार जो परीक्षार्थी पास नहीं हो सके हैं उनके लिए 7 मई 2026 से द्वितीय अवसर की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
12 वीं की बोर्ड परीक्षा के बेहतर रिजल्ट पर सीएम मोहन यादव ने खुशी व्यक्त की। उन्होंने अपने एक्स हेंडल पर लिखा-
मध्यप्रदेश बोर्ड परीक्षा 2025-26 में विद्यार्थियों ने कीर्तिमान स्थापित किया है। विगत 16 वर्षों में, 12वीं में इस बार सर्वश्रेष्ठ परीक्षा परिणाम आया है। यह परिणाम स्वर्णिम मध्यप्रदेश की नई गाथा है।
आज 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और उत्तीर्ण होने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई। आप सभी के शिक्षकों तथा अभिभावकों का अभिनंदन करता हूं, जिन्होंने अपने मार्गदर्शन और त्याग से आपके संकल्प को पूरा करने में योगदान दिया है।
जनजातीय जिलों का परिणाम राज्य में सर्वश्रेष्ठ है। साथ ही, बेटियों ने भी अपना वर्चस्व बनाए रखा है। शिक्षा क्षेत्र में निरंतर हो रहे सुधारों का सुफल है कि शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। उनका परीक्षा परिणाम निजी विद्यालयों से अधिक है।
पहली बार मप्र में पूरक परीक्षा के स्थान पर द्वितीय अवसर परीक्षा का आयोजन हो रहा है। इसमें असफल विद्यार्थियों के साथ परीक्षा परिणाम में सुधार के इच्छुक विद्यार्थी भी भाग ले सकते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से यह संभव हो रहा है।
Published on:
15 Apr 2026 12:56 pm
