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धराशायी होगी भोपाल की पुरानी बस्ती, जमींदोज होंगे मकान दुकान, नोटिस से मची खलबली

Bhopal- 5-6 दशक पुरानी बस्ती के बेदखली के नोटिस, जीतू पटवारी ने किया विरोध

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भोपाल की पुरानी बस्ती के मकान के जमींदोज करने का नोटिस

भोपाल की पुरानी बस्ती के मकान के जमींदोज करने का नोटिस demo pic (फोटो-पत्रिका)

Bhopal- राजधानी भोपाल की एक पुरानी बस्ती जल्द ही धराशायी होगी। यहां बने मकान, दुकान जमींदोज कर दिए जाएंगे। इसके लिए प्रशासनिक तैयारियां चल रहीं हैं। बस्ती के रहवासियों को बेदखली के नोटिस दिए जा चुके हैं। भोपाल के मानस भवन की इस बस्ती को हटाने के नोटिस के बाद यहां के निवासी चिंतित हैं। बस्ती में रहनेवाले अधिकांश लोग आदिवासी हैं। पहले यहां केवल झुग्गियां थीं पर अब पक्के मकान बन चुके हैं। रविवार को एक कार्यक्रम में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को इसकी जानकारी मिली तो वे तुरंत प्रभावित लोगों से मिलने पहुंच गए। उन्होंने बस्ती हटाने का विरोध किया और फोन लगाकर अधिकारियों पर भड़के। जीतू पटवारी ने एडीएम से मोबाइल पर चर्चा कर प्रशासन को चेताया। प्रभावित निवासियों से साफ कहा कि मैं और पूरी कांग्रेस आपके साथ खड़ी रहेगी।

मानस भवन के आसपास बसी यह बस्ती सरकारी रिकार्ड में वन भूमि के रूप में दर्ज है। यहां करीब 3 दर्जन परिवार रहते हैं जिनमें से 27 परिवारों को बेदखली का नोटिस दिया गया है।प्रशासन ने 25 अगस्त 2025 को यह आदेश जारी किया। इससे पहले 4 अप्रैल 2025 को एक कारण बताओ नोटिस भी दिया गया था।

बेदखल किए जाने के आदेश पारित

नए बेदखली आदेश में कहा गया है कि “राजस्व निरीक्षक द्वारा पटवारी हल्का शहर भोपाल की सरकारी जमीन खसरा नंबर 1413/1 रकबा 31.5130 हेक्टेयर मप्र शासन नोइयत वन में से रकबा 100 वर्गफीट पर आपके द्वारा झुग्गी/झोपड़ी/मकान/टीनशेड बनाकर अवैध कब्जा बावत प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर अतिक्रमण किया जाना प्रमाणित होने पर इस न्यायालय के प्रकरण क्रमांक 0001/अ-68/2025-26 में पारित आदेश दिनांक 25/08/2025 द्वारा मप्र शासन की भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 248(1) के अंतर्गत आपके विरुद्ध रुपए 1000/- अंकन एक हजार मात्र अर्थदंड आरोपित करते हुए शासकीय भूमि से बेदखल किए जाने के आदेश पारित किए गए हैं।

कारण बताओ नोटिस और बेदखली का आदेश जारी होने के बाद बस्ती के लोग चिंता और तनाव मेें हैं पर प्रशासनिक रवैए का विरोध कर रहे हैं। लोगों का साफ कहना है कि हम करीब 60-70 साल से यहीं रहते आए हैं। प्रशासन मानस भवन के लिए हमारे घर तोड़ना चाहता है। हमें करीब 30-40 किमी दूर वैकल्पिक निवास दिया जा रहा है लेकिन वहां जाकर करेंगे क्या!

जीतू पटवारी ने कहा कि प्रशासन मकान तोड़ने की कोशिश न करे

रविवार को पीसीसी चीफ जीतू पटवारी मानस भवन में सामाजिक न्याय सम्मेलन में पहुंचे तो मानस भवन बस्ती की महिलाओं ने नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी के साथ उनसे मिलकर अपना दुखड़ा सुनाया। इसपर पटवारी बस्ती में गए और लोगों से बात की। उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव अनुराग जैन को मोबाइल लगाया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।
इसके बाद जीतू पटवारी ने एसडीएम को फोन लगाकर कहा कि मकान तोड़ने की प्रशासन कोशिश न करे। कांग्रेस आपके खिलाफ खड़ी होगी।