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सुबह देर तक सोना सेहत के लिए होता है खतरनाक, ये बातें जानकर आप भी बना लेंगे टाइम टेबल

जिस तरह कम नींद लेने से सेहत को नुकसान होता है, उसी तरह 7 घेटों से ज्यादा नींद लेने की आदत भी आपको बीमार बना सकती है। ज्यादा देर तक सोना या सुबह के समय देर तक सोने से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। कुछ विशेष स्थितियों में अधिक सोना डिप्रेशन, हृदय संबंधी रोग, थायरॉइड और कुछ विशेष प्रकार की बीमारियों का संकेत भी हो सकता है।

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सुबह देर तक सोना सेहत के लिए होता है खतरनाक, ये बातें जानकर आप भी बना लेंगे टाइम टेबल

भोपालः अच्छी सेहत के लिए पर्याप्त नींद लेना बहुत ज़रूरी है। भरपूर नींद लेने से दिनभर के कामों को करने के लिए पर्याप्त एनर्जी मिलती है। रोजाना औसत 6 से 7 घंटे नींद लेने वाले व्यक्ति को डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा काफी कम हो जाता है। यानी पर्याप्त नींद श्वस्थ शरीर की पहचान होती है। हालांकि, इसका ये मतलब नहीं है कि, ज्यादा सोने से सेहत सही रहती है, बल्कि जिस तरह कम नींद लेने से सेहत को नुकसान होता है, उसी तरह 7 घेटों से ज्यादा नींद ( wake up very late ) लेने की आदत भी आपको बीमार बना सकती है। ज्यादा देर तक सोना या सुबह के समय देर तक सोने से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। कुछ विशेष स्थितियों में अधिक सोना डिप्रेशन, हृदय संबंधी रोग, थायरॉइड और कुछ विशेष प्रकार की बीमारियों का संकेत भी हो सकता है। इसलिए इस स्थिति को ठीक से समझना जरूरी है। आइये जानते हैं इसके बारे में...।

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-दिल को नुकसान

ज्यादा देर तक सोने से दिल पर बोझ पड़ने लगता है। साल 2013 में हुई एक रिसर्च का हवाला देते हुए राजधानी के निजी अस्पताल के ह्रदय रोग चिकित्सक डॉ. आकाश दिक्षित ने बताया कि, लंबे समय तक सोने से लेफ्ट वेंटिकुलर का वजन बढ़ सकता है, जिससे हार्ट अटैक की आशंका बढ़ने लगती है। न्यूरोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में पाया गया कि कम नींद की वजह से कार्डियोवैस्कुलर रोगों का खतरा 18 फीसदी बढ़ जाता है, जबकि देर तक सोने ( sleeping late ) की वजह से स्ट्रोक का जोखिम 46 फीसदी तक बढ़ जाता है।

-तनाव की समस्या

लंबे समय तक सोना आपके मूड को प्रभावित कर सकता है और इससे आपको डिप्रेशन भी हो सकता है। नींद दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर को प्रभावित करती है। लंबी नींद से शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है, जबकि न्यूरोट्रांसमीटर के स्तर को बढ़ाने के लिए अधिक शारीरिक गतिविधि महत्त्वपूर्ण है, जो आपकी मनोदशा को बेहतर बनाती है। इसलिए सोने का एक नियम बनाएं।

-बढ़ने लगता है वज़न

अतिरिक्त नींद ( health effect for sleeping Late ) और मोटापे के बीच एक कनेक्शन है। अगर आप लंबे समय तक सोते हैं तो आप उस अवधि के लिए शारीरिक रूप से निष्क्रिय हैं। कम शारीरिक गतिविधि का मतलब है कि आपका शरीर कम कैलोरी खर्च कर पा रहा है, जिससे आपका वजन बढ़ने लगता है। एक हेल्थ मेग्ज़ीन में प्रकाशित लेख में शोध के आधार पर लिखा कि, लंबे समय तक सोने ( wake up very late ) से भविष्य में वजन बढ़ने के अलावा हाई ब्लड प्रेशर और हाई ब्लड शुगर की आशंका हो जाती है। इसलिए अपने सोने की अवधि को आठ घंटे से ज्यादा न बढ़ाएं।

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-बना रहता है आलस

अनावश्यक सोना हमारे शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक की प्रणाली को असंतुलित करता है। इससे आलस बना रहना, सुस्ती, मूड खराब होना, सिरदर्द, पीठदर्द और हर वक्त थका-थका महसूस करना जैसे लक्षण होने लगते हैं। इसका सबसे बड़ा असर आपकी वर्क परफॉर्मेंस के खराब होने के रूप में नजर आता है क्योंकि आप किसी भी चीज पर ठीक से फोकस नहीं कर पाते।

-दिमाग पर पड़ता है असर

ज्यादा सोना आपके दिमाग की शक्ति को भी प्रभावित कर सकता है। अगर दिन में भी नींद लेते हैं, तो हो सकता है कि इससे आपकी रात की नींद प्रभावित हो जाए। ऐसे में आपको सिरदर्द की समस्या हो सकती है। कुछ लोगों में ओवरस्लीपिंग की वजह से माइग्रेन की समस्या हो सकती है।