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क्या आप भी हैं कम्पन की समस्या से ग्रस्त? यहां जानिए इसके कारण और उपचार

कम्पन की समस्या से ग्रस्त व्यक्ति इस तरह करे उपचार, यहां जानिए इसके कारण औप उपचार

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क्या आप भी हैं कम्पन की समस्या से ग्रस्त? यहां जानिए इसके कारण और उपचार

भोपाल/ बढ़ती उम्र से साथ साथ हमारा शरीर धीरे धीरे बीमारियों का घर बनने लगता है। ये एक सामान्य सी बात है। लेकिन कई रोग ऐसे भी हैं, जो किसी भी उम्र में व्यक्ति की पीड़ा कारण बन जाते हैं। इनमें कई बीमारियां ऐसी भी है, जिनके आने का अहसास पीड़ित को लंबे समय बाद होता है। इन्ही में से एक है शरीर में होने वाला कम्पन। आमतौर पर ये लोगों के हाथ पैरों पर दिखाई देता है, लेकिन जैसे जैसे शरीर में कमजोरी बढ़ती है, वैसे वैसे ळरीर के अन्य अंग इससे ग्रस्त हो जाते हैं।

जानी मानी हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. सुमित्रा ग्रेवाल ने बताया कि, शरीर के अंगों पर खासतौर पर हाथ-पैरों पर दिखाई देने वाला कम्पन एक दिमागी बीमारी है, जो लंबे समय तक दिमाग में पलती है, जिसका प्रभाव काफी धीरे होता है। कई बार तो रोगी को पता ही नहीं चलता कि वो कम्पन की समस्या से ग्रस्त हो चुका है। अकसर पीड़ित को इसका अहसास कई महीनों के बाद लक्षणों की तीव्रता बढ़ने पर होता है। इसमें रोगी के हाथ पैरों में कंपकंपी आने लगती है। आमतौर पर इस समस्या से ग्रस्त व्यक्ति के हाथ पैरों के कंप-कंपाने के लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन वो हाथों से किसी चीज को पकड़ हों या लिखते समय उनके हाथ कंपकपाने लगते हैं। कई बार रोगी के जबड़े, जीभ तथा आंखे कंपकंपाने लगती है।

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कम्पन की समस्या के ये हैं कारण

-कम्पन की समस्या के लोगों में अलग अलग कारण हो सकते हैं। दिमाग के कुछ हिस्सों में न्यूरोट्रांसमीटर केमिकल होते हैं। ये केमिकल पूरे शरीर या किसी विशेष हिस्से की मांसपेशियों को नियंत्रित करते हैं। जब ये केमिकल लीक होने लगते हैं तो ट्रेमरनाम की समस्या सामने आती है। मांसपेशियों के असामान्य होने के कारण भी ये समस्या पैदा होती है। ये न्यूरोडीजेनरेटीव नामक बीमारी का कारण भी होती है।

-इस बीमारी में ब्रेनस्टेम पूरी तरह से नष्ट हो जाता है। इसके अलावा अन्य कारणों जैसे अधिक मात्रा में शराब पीना, लीवर का खराब हो जाना, पार्किंसन, थाइराइड , मेंटल डिसआर्डर, कैल्शियम, पोटाशियम की भी इस समस्या का कारण बन सकती है। कई बार यह समस्या वंशानुगत भी होती है।

शुरुआत में पीड़ित को कम्पन की समस्या कभी कभी होती है। लेकिन, समय के साथ साथ ये ज्यादा समय तक रहने लगता है। एक समय बाद ये हमेशा की समस्या बन जाता है, जिसके चलते पीड़ित व्यक्ति का कोई भी काम कर पाना संभव नहीं रहता। इस समस्या के बढ़ने पर रोगी की मांसपेशियों में कठोरता तथा कड़ापन आने लगता है। शरीर अकड़ जाता है, हाथ पैरों में जकड़न होती है। मरीज़ को भारीपन का अहसास हो सकता है।

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ये हैं कम्पन यानी पार्किन्सन रोग के लक्षण

- नींद में कमी, वजन में कमी, कब्जियत, जल्दी सांस भर आना, पेशाब करने में रुकावट, चक्कर आना, खड़े होने पर अंधेरा आना, सेक्स में कमज़ोरी, पसीना अधिक आता है।

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इस समस्या सेनिजात दिलाएंगे ये उपाय

-निंबू का रस और नारियल पानी

कम्पन से राहत पाने के लिए आपको नियमित रूप से पानी में निंबू के रस को मिलाकर पीना चाहिए। इसके अलावा नारियल पानी का सेवन करने से भी इस समस्या से राहत जाती है।


-दूध पीएं

सोयाबीन को दूध में मिलाकर उसका सेवन करने से या तिलों को दूध में मिलाकर खाने से या बकरी के दूध का सेवन नियमित रूप से करने पर शरूर के किसी भी अंग पर होने वाले कम्पन की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

-तनाव मुक्त रहने का प्रयास करें

ज्यादा स्ट्रेस में रहने वाले लोग हमेशा अपने दिमाग में नकारात्मक विचारों को बढ़ावा देते हैं। ज्यादा तर इन्हीं लोगों को इस बीमारी का सामना करना पड़ता है। इसीलिए जितना हो सके खुद को खुश रखने का प्रयास करते रहें और हमेशा अपनी सोच को भी सकारात्मक रखें। किसी प्रकार से दिमाग पर चोट लग जाने से भी पार्किन्सन रोग हो सकता है। इससे मस्तिष्क के ब्रेन पोस्टर कंट्रोल करने वाला हिस्सा डैमेज हो जाता है।कुछ औषधियां मानसिक रोगों में प्रयुक्‍त होती हैं, अधिक नींद लाने वाली दवाइयों का सेवन तथा एंटी डिप्रेसिव दवाइयों का सेवन करने से भी पार्किन्सन रोग हो जाता है।

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ये हैं कम्पन के कारण

-धूम्रपान करने, तम्बाकू का सेवन करने, फास्ट-फूड का सेवन करने, शराब पीने, प्रदूषण तथा नशीली दवाईयों का सेवन करने से पार्किन्सन रोग हो जाता है।

-शरीर में विटामिन 'ई' की कमी के चलते भी पार्किन्सन रोग हो जाता है।

-किसी चीज, वायरस या दवा के इन्फेक्शन से भी ये समस्या उत्पन्न होती है।

-दिमाग तक ख़ून पहुंचाने वाली ग्रंथियों के अवरुद्ध होने से भी इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

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कम्पन से राहत का घरेलु उपचार

-चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार, कुछ घरेलु उपाय हैं जो काफी हद तक इस समस्या में राहत पहुंचा सकते हैं। इनमें मुख्य रूप से औषधीय गुणों से युक्त कुछ चाय जैसे chamomile, laung और lavandula आदि पीने से आपके दिमाग में शांति बनती है और दिमाग की तंत्रिकाओं को आराम मिलता है इसके फलसवरूप मानसिक तनाव कम होता है।


-तगार की जड़ nerves और दिमाग को शांत करने वाले और अनिद्रा दूर करने वाले गुण होते हैं। तगार की अड़ की चाय रोजाना दिन में 2-3 बार पीने से हाथ पांव काम्पने में काफी आराम मिलता है।

-विटामिन B की कमी होने से भी कम्पन और दिमाग के कार्यों में बाधा पड़ने की समस्या हो सकती है इसलिए जरुरी सप्लीमेंट लीजिये साथ ही फल, सब्जियां, दाल, बीन्स, अंडा आदि से जरुरी विटामिन्स और मिनरल्स प्राप्त कीजिये।

-ध्यान और योग के साथ अपने दिन की शुरुआत कीजिये क्योंकि इससे आपका दिमाग रिलैक्स होगा और मानसिक तनाव, अनिद्रा की परेशानी दूर होगी| आप कुछ देर दिन में सुबह और शाम रनिंग या जॉगिंग करके अपने दिमाग को कण्ट्रोल में रख सकते हैं।

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डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

- किसी अन्य सिंड्रोम के साथ होती है, जैसे सिरदर्द, कमजोरी, असामान्य रूप से जीभ हिलना, मांसपेशियों में खिंचाव, या अन्य गति जिनको आप नियंत्रित नहीं कर सकते। यदि आपकी रोजाना की गतिविधियों को प्रभावित कर रही हैं।

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इन चीजों का करें सेवन

कंपकपी की समस्या से ग्रस्त व्यक्ति को अच्छा और संतुलित आहार करना बहुत आवश्यक है। इसके तहत उन्हें खट्टे फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, मांस, दूध के उत्पाद, नट (बादाम, सुपारी आदि),दाल, अंडे, मछली खाने चाहिए।