
Patwari Bharti 2023 Counselling on vacant patwari posts in mp: मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी (Government Job) में सेलेक्शन के बावजूद कुछ केंडिडेट्स ने पटवारी भर्ती 2023 से किनारा कर लिया है। स्थिति यह रही कि पटवारी भर्ती 2023 की काउंसलिंग बंद हो गई और पद भी खाली रह गए। वहीं अब बड़ी खबर ये आ रही है कि 15 मार्च से आरक्षित पदों पर होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन अब ये काउंसलिंग भी नहीं की जाएगी।
बता दें कि पटवारी भर्ती 2023 पर काउंसलिंग प्रक्रिया दो राउंड में होनी थी। इसमें सामान्य वर्ग से लेकर आरक्षित पदों पर भर्ती की जानी थी। पटवारी भर्ती की पहली काउंसलिंग प्रक्रिया के बाद 15 मार्च से दूसरी काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होनी थी इस काउंसलिंग में सामान्य वर्ग के पदों के साथ ही आरक्षित पदों की भर्ती प्रक्रिया भी शामिल थी।
- बता दें कि मध्य प्रदेश में पटवारी भर्ती को लेकर काउंसलिंग प्रक्रिया 24 फरवरी से शुरू कर दी गई थी। लेकिन 8 मार्च तक के लिए जारी किए गई मैरिट लिस्ट के अनुसार ज्यादातर केंडिडेट काउंसलिंग के पहले राउंड में नहीं पहुंचे।
- खाली पदों की संख्या को देखते हुए दूसरी केंडिडेट वेटिंग लिस्ट जारी की गई। लेकिन इस काउंसलिंग प्रक्रिया के दूसरे राउंड में भी अभ्यर्थियों की संख्या कम ही थी।
- यानी जितने पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई, उतने पदों पर भर्ती नहीं हो सकी।
- करीब 2000 पद खाली रह गए।
- इसके बावजूद अब 15 मार्च को होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया नहीं की जा रही।
बता दें कि पटवारी भर्ती परीक्षा 2023 में 9 लाख से ज्यादा केंडिडेट्स ने परीक्षा दी थी। पटवारी भर्ती में शामिल होने वाले केंडिडेट्स का कहना है कि जब काउंसलिंग प्रक्रिया में मेरिट लिस्ट वाले केंडिडेट्स नहीं पहुंचे तो अन्य केंडिडेट्स को मौका देना चाहिए, लेकिन उन्हें नहीं बुलाया गया।
बता दें कि ईएसबी की सभी जरूरी परीक्षाएं 5 से 6 साल के अंतराल में ही होती हैं। इसमें चाहे एसआई की भर्ती परीक्षा हो या फिर उच्च शिक्षक वर्ग की या फिर पटवारी की भर्ती परीक्षा सभी इसमें शामिल हैं। साल 2023 से पहले एमपी में पटवारी भर्ती परीक्षा 2017 में आयोजित की गई थी। यानी अब इन 1600 से 2000 खाली पदों पर भर्ती परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को 5 साल का लंबा इंतजार करने के बाद ही मौका मिलेगा।
- मार्च-अप्रैल 2023 में पटवारी भर्ती परीक्षा ऑनलाइन शुरू की गई थी।
- करीब 12 लाख केंडिडेट्स ने फॉर्म भरे थे।
- परीक्षा में 9.78 लाख केंडिडेट्स शामिल हुए।
- पटवारी भर्ती परीक्षा का रिजल्ट 30 जून को जारी किया गया ।
- एक कॉलेज एनआरआई से मेरिट में 10 में से 7 केंडिडेट्स का नाम आने से पटवारी भर्ती परीक्षा विवादो में आ गई।
- इसके बाद केंडिडेट्स का आंदोलन तेज होने और पटवारी भर्ती में गड़बड़ी के आरोप लगे।
- इस बीच पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने 19 जुलाई को हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस राजेंद्र वर्मा की जांच कमेटी बैठाई।
- कमेटी ने 30 जनवरी 2024 को अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए परीक्षा को क्लीन चिट दी और नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो गई।
- 24 फरवरी को पहली काउंसलिंग की गई।
- 5 मार्च को सीएम ने नियुक्ति पत्र दिए और कहा कि जांच के कारण नियुक्ति नहीं रोकी जा सकती।
- इसके बाद भी पद खाली रहे तो दूसरी वेटिंग लिस्ट जारी की गई।
- काउंसलिंग का दूसरा राउंड 9 मार्च को शुरू हुआ, लेकिन इसमें भी ज्यादातर केंडिडेट काउंसलिंग में अनुपस्थित रहे।
- बता दें कि 9073 पदों में से पटवारी के 6755 पद थे। - पटवारी के रिक्त पदों में 2113 पद अनारक्षित हैं।
- 569 ईडब्ल्यूएस, 868 एससी, 1738 एसटी और 1518 ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
- इन पदों की भर्ती परीक्षा 15 मार्च 2023 से शुरू होगी।
भूअभिलेख आयुक्त विवेक पोरवाल का कहना है कि पटवारी भर्ती के विज्ञापन में ही था कि पटवारी भर्ती के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया दो राउंड में होगी। तीसरी काउंसलिंग नहीं की जाएगी। वहीं अब ये 2000 खाली पद अगली पटवारी भर्ती परीक्षा में ही भरे जाएंगे।
Updated on:
12 Mar 2024 03:33 pm
Published on:
12 Mar 2024 02:07 pm

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