
भोपाल। वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। विधानसभा चुनाव 2018 में आदिवासियों ने भाजपा को झटका दिया था, जिससे सबक लेकर भाजपा पीएम नरेंद्र मोदी के मेगा शो से आदिवासी हितैषी होने का संदे देगी। इसी को लेकर 15 नवंबर को भोपाल में जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की जा रही है।
सरकार ने हर संबंधित विभाग को इसके लिए लक्ष्य दिए हैं, वहीं भाजपा ने मंडल स्तर तक कार्यक्रम को लाइव करने की तैयारी की है। भाजपा आदिवासी समुदाय के बड़े चेहरों को कार्यक्रम में जोड़ेगी। साथ ही आदिवासी वर्ग के विधायक, सांसद, नेता और अन्य प्रबुद्धजन बुलाए जाएंगे। भाजपा की तैयारी इसे 2023 के लिए चुनावी शंखनाद की तरह करने की है।
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इधर, वोटों के लिए कांग्रेस भी सतर्क
आदिवासी वोट बैंक का महत्व कांग्रेस भी समझती है। इस कारण कांग्रेस भी सतर्क है। कांग्रेस उसी दिन जबलपुर मेंजनजातीय सम्मेलन कर रही है। कांग्रेस इस आयोजन के जरिए भाजपा के आयोजनमें आदिवासी समुदाय की शिरकत को बांटने का प्रयास कर रही है। साथ ही यह संदेश देने की कोशिश है कि कांग्रेस अब भी आदिवासी समुदाय के साथ है।
पीएम मोदी बड़ा फैक्टर
भाजपा ने समझ लिया है कि पीएम मोदी वोट बैंक के लिहाज से बड़ा फैक्टर है। 2018 में जब प्रदेश में भाजपा के हाथ से सत्ता फिसली तो हालात विपरीत थे, लेकिन 2019 में पीएम और सीएम शिवराज सिंह चौहान के चेहरे के सहारे बाजी पलट गई। इसलिए मोदी और शिवराज की फेस वेल्यू को समझकर अब भाजपा अभी से मोदी व शिवराज के सहारे आदिवासी वोटबैंक को अपनी ओर करने में जुट गई है।
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Published on:
12 Nov 2021 12:09 pm
