कोरोना संक्रमित परिवार को पुलिस द्वारा पीटने का मामला, कमलनाथ बोले- 'शिवराज जी ये अमानवीयता और बर्बरता है'

खंडवा जिले के बंजारी गांव में पुलिस द्वारा कोरोना संक्रमित मरीजों के साथ की गई बर्बरता को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सवाल उठाए हैं।

By: Faiz

Published: 12 Apr 2021, 12:39 AM IST

भोपाल/ मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के बंजारी गांव में पुलिस द्वारा कोरोना संक्रमित मरीजों के साथ की गई बर्बरता को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सवाल उठाए हैं। कमलनाथ ने न सिर्फ पुलिसिया रवैय्ये को अमानवीय बताया। साथ ही इस घटना को बर्बरता की पराकाष्ठा बताया। कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से इस मामले पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कमलनाथ ने याद दिलाते हुए कहा कि, पिछले दिनों हमने ऐसा ही एक नजारा इंदौर में भी देखा था, जहां दो पुलिसकर्मियों द्वारा एक युवक की बीच सड़क पर पिटाई की जा रही थी।

 

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कमलनाथ ने कही ये बात

घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर जारी करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि, प्रदेश के खंडवा ज़िले के बंजारी गांव का ये वीडियो बताया जा रहा है। एक कोविड पाज़िटिव मरीज़ और उसके परिजन की किस तरह पुलिस द्वारा बर्बर तरीके से पिटाई की जा रही है। महिलाओं पर भी लाठियीं बरसाई जा रही है? शिवराज जी, ये अमानवीयता है, बर्बरता है। बहन-बेटियों-बुजुर्गों पर इस तरह से लाठियां? इसके पूर्व इंदौर में भी इस तरह के दृश्य हमने देखे हैं? इसके दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिये सरकार दिशा-निर्देश जारी करे।

 

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ये घटना आई है सामने

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आपको बता दें कि, मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के कोरोना के बंजारी गांव में एक परिवार के सदस्यों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ विभाग की टीम संक्रमितों को लेने पहुंची थी, जिसपर परिजन ने उनके साथ जाने से इंकार कर दिया। इसपर टीम ने पुलिस को इस संबंध में जानकारी दी। इसके बाद कोरोना संक्रमित के घर पहुंचे चार पुलिसकर्मियों ने पॉजिटिव मरीज और उसकी मां और बहन के साथ अन्य परिजन पर भी जमकर लाठियां बरसा दीं। इसी पर पुलिस ने बस नहीं किया। पुलिस ने जिस-जिस की पिटाई की, उन सभी के खिलाफ कई धाराओं के तहत केस भी दर्ज कर दिया। इस कार्रवाई के विरोध में ग्रामीणों ने छैगांव माखन थाने पहुंच कर उसका घेराव कर दिया।

 

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इस तरह सामने आई मामले की हकीकत

मामले की हकीकत उस समय उजागर हुई, जब घटना स्थल पर मौजूद किसी शख्स ने पुलिस की अमानवीयता का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया। देखते ही देखते वीडियो काफी तेजी से वायरल हो गया। गांव के लोगों से मिली जानकारी के अनुसार छैंगांवमाखन के गांव सिरसोद बंजारी में चार दिन पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इस परिवार के युवक का सैंपल लिया, जिसमें उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद टीम युवक को लेने के लिए घर पहुंची थी। इस बीच किसी बात को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम और परिजन के बीच कहासुनी हो गई, जिसके बाद पुलिस ने कोरोना पीड़ितों के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार किया।

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