
खबर का असर : अब ट्यूशन फीस के अलावा निजी स्कूल नहीं लेंगे कोई भी शुल्क, सीएम ने दिए ये निर्देश
भोपाल/ मध्य प्रदेश में पत्रिका की खबर का बड़ा असर हुआ है। जिसमें प्रदेश के निजी स्कूल ट्यूशन फीस के अलावा छात्रों के अभिभावकों से अन्य कोई भी फीस नहीं ले सकेंगे। लंबे समय से पत्रिका द्वारा इस मुद्दे को उठाया जा रहा था, जिसपर फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश जारी किये हैं कि, 19 मार्च 2020 लॉक डाउन शुरू होने की तिथि से लेकर लॉक डाउन समाप्त होने तक की अवधि तक कोई भी निजी विद्यालय, विद्यार्थियों से सिर्फ ट्यूशन फीस ही ले सकेगा। इसके अतिरिक्त कोई भी अन्य फीस नहीं ली जाएगी।
सीएम ने कहा- सिर्फ ट्यूशन फीस ही लेंगे स्कूल
अगर कोई निजी स्कूल इस आदेश के बाद भी लॉकडाउन की अवधि में स्कूली छात्रों या उनके अभिभावकों से ट्यूशन फीस के अलावा कोई अन्य फीस वसूल करता है, तो उसपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने अपनी ओर से जारी एक वीडियो में स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश का जिक्र करते हुए बताया कि, 19 मार्च 2020 से लेकर जब तक भी प्रदेश में लॉकडाउन रहता है। तब तक सिर्फ ट्यूशन फीस ही ले सकता है। इसके अलावा, कोई भी अतिरिक्त शुल्क जो आम दिनों में छात्रों से लिया जाता है, जैसे- स्पोर्ट्स फीस, कलचरल फीस, वैन फीस आदि स्कूल छात्रों से नहीं मांग सकेंगे।
शिक्षा विभाग ने जारी किये आदेश
इस संबंध में शिक्षा विभाग ने भी प्रदेश के सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिये हैं। जिसमें कहा गया है कि, वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए निजी स्कूलों द्वारा लॉकडाउन की अवधि में सिर्फ शिक्षण शुल्क ही लिया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त अन्य किसी भी प्रकार का शुल्क छात्रों से नहीं लिया जाएगा। कलेक्टरों को निर्देश हैं कि, अगर आदेश के बावजूद भी कोई स्कूल छात्रों से ट्यूशन फीस के अलावा कोई अन्य शुल्क वसूलता है तो उसपर उचित कार्रवाई हो।
पत्रिका की खबर का असर
बता दें कि, लॉकडाउन के बीच जब प्रदेश के सभी शेक्षणिक संस्थान बंद हैं। ऐसे में कई स्कूल अपने यहां पढ़ने वाले छात्रों या उनके अभिभावकों से फीस देने का दबाव बना रहे थे।हालांकि, शिकायतें सामने आने के बाग शिक्षा विभाग पहले निजी स्कूलों पर अभिभावकों से फीस का दबाव न बनाने की बात कह चुका है। बावजूद इसके अब तक कुछ स्कूल छात्रों से फीस की मांग कर रहे थे। इस फीस में सभी तरह के शुल्क मौजूद थे। जिसपर लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी। इस समस्या को देखते हुए पत्रिका ने बीते चार दिनों से इस संबंध में खबर दिखाई थी। हालांकि, पत्रिका की इस मुहिमी खबर लगने के बाद सरकार ने इसपर बड़ा फैसला लेते हुए निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को बड़ी राहत दी है, जिसपर अभिभावकों ने संकट की इस घड़ी में सरकार के इस फैसले पर खुशी जाहिर की है।
Updated on:
16 May 2020 11:46 pm
Published on:
16 May 2020 11:35 pm
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