राधाष्टमी के दिन प्रातः काल उठकर घर की साफ़-सफाई करना चाहिए। स्नान आदि से निवृत होकर शुद्ध मन से व्रत का संकल्प करना चाहिए। इसके बाद सबसे पहले श्रीराधाजी को पंचामृत से स्नान कराएं, स्नान करने के पश्चात उनका श्रृंगार करें। श्रीराधा रानी की प्रतिमूर्ति को स्थापित करें। फिर श्रीराधा रानी और भगवान श्रीकृष्ण जी की पूजा धूप-दीप, फल, फूल आदि से करनी चाहिए।