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ठंड में ‘बायलेटरल लंग इंफेक्शन’ का खतरा बढ़ा, कोरोना जैसे है लक्षण

हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. किसलय श्रीवास्तव के अनुसार ठंड बढ़ने पर खून की नसें सिकुड़ती है। इस दौरान यदि ब्लॉकेज हो और अचानक उन पर दबाव पड़े तो हार्ट अटैक की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

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Bilateral Lung Infection

Bilateral Lung Infection

Bilateral Lung Infection : राजधानी मेंठंड बढ़ी है, जिसका सीधा असर हृदय और दिमाग संबंधित रोगों पर देखा जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में बीते दो दिन में 45 हार्ट अटैक के मामले पहुंचे। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. किसलय श्रीवास्तव के अनुसार ठंड बढ़ने पर खून की नसें सिकुड़ती है। इस दौरान यदि ब्लॉकेज हो और अचानक उन पर दबाव पड़े तो हार्ट अटैक की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। वहीं, न्यूरो सर्जन डॉ. आईडी चौरसिया के अनुसार लकवा के मरीज भी ठंड के साथ बढ़े हैं।

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क्या है बायलेटरल लंग इन्फेक्शन?

मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अनिल सेजवार के अनुसार बायलेटरल लंग इन्फेक्शन यानी द्विपक्षीय फेफड़ों का संक्रमण इसमें दोनों फेफड़ों में संक्रमण होता है। यह मुख्य रूप से बैक्टीरियल, वायरल और फंगल होते हैं।

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ठंड बढ़ने के साथ अब फेफड़ों का संक्रमण रफ्तार पकड़ रहा है। बीते एक माह में आए फेफड़ों के संक्रमण से ग्रसित मरीजों में बायलेटरल लंग इंफेक्शन(Bilateral Lung Infection) की स्थिति देखने को मिल रही है। इसी तरह का संक्रमण कोरोना वायरस की चपेट में आए लोगों में नजर आता था। विशेषज्ञों का कहना है कि लक्षण और इंडिकेशन कोरोना की तरह हैं। आरटीपीसीआर जांच नहीं होने से किसी मरीज को कोरोना संक्रमित बताना संभव नहीं है। एम्स, जेपी और हमीदिया की ओपीडी में फेफड़े की समस्या से ग्रसित मरीजों की संख्या 40 फीसदी तक बढ़ी है।

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संक्रमण का कारण

बैक्टीरियल संक्रमण: बैक्टीरिया जैसे कि स्ट्रेप्टोकोकस, स्टैफिलोकोकस आदि फेफड़ों में संक्रमण का कारण बन सकते हैं।

वायरल संक्रमण: वायरस जैसे कि इन्फ्लूएंजा, कोरोनावायरस आदि फेफड़ों में संक्रमण का कारण बन सकते हैं।

रोज 3 नेबुलाइजर की बिक्री


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हमीदिया अस्पताल के पास व्यापारी यूसुफ अली बताते हैं कि पिछले 15 से 20 दिनों से रोजाना दो से तीन नेबुलाइजर बिक रहे हैं। जबकि पहले सप्ताह में एक दो बिकते थे। यह एक चिकित्सा उपकरण है जो तरल दवाओं को वायुमार्ग में पहुंचाने के लिए उपयोग किया जाता है।

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