8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

देश का दूसरा सबसे बड़ा वॉटर स्पोर्ट हब होगा मध्य प्रदेश, इस शहर में होंगे इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन

देश में पुणे के बाद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दूसरा बड़ा वॉटर स्पोर्ट हब बन जाएगा। यहां इंटरनेशनल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Mohammad Faiz Mubarak

•

Updated: 5 Feb 2022, 11:20 PM IST

News

देश का दूसरा सबसे बड़ा वॉटर स्पोर्ट हब होगा मध्य प्रदेश, इस शहर में होंगे इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन

भोपाल. कयाकिग-केनोइंग और रोइंग में देश को कई बड़े खिलाड़ी दे चुके मध्य प्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए बड़े तालाब में इंटरनेशनल हब बनेगा। इसके लिए खेल विभाग ने जिला प्रशासन से पांव एकड़ जमीन मांगी है। जिला प्रशासन खानूगांव में उन्हें ये जमीन देने की तैयारी कर रहा है।

देश में पुणे के बाद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दूसरा बड़ा वॉटर स्पोर्ट हब बन जाएगा। यहां इंटरनेशनल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। खिलाड़ियों की बोट पार्क हो सकेंगी। अभी दो भागों में ट्रेनिंग होती है, कुछ खिलाड़ियों को तैयारी के लिए पुणे भी जाना पड़ता है। ओलंपिक क्वालिफाई एवं एशियन चैम्पियनशिप आगामी मार्च में थाईलैंड के पटाया में होगी। इसके लिए जनवरी में ही भारतीय कयाकिंग - केनोइंग महासंघ सिलेक्शन ट्रायल आयोजित किया गया था, जिसमें राज्य वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के छह कयाकिंग - केनोइंग खिलाड़ियों का सिलेक्शन हो चुका है।

तैयारी के लिए होने वाले इंडिया कैम्प में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इसी प्रकार यहां से रोइंग के खिलाड़ी भी काफी नेशनल और इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं। प्रदेश इन दो खेलों में काफी बेहतर प्रदर्शन करता है। इस हब के बनने से खिलाड़ी और अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

सीनियर कोच, अर्जुन अवॉर्ड विजेता जीएल यादव ने बताया कि, अभी छोटे तालाब में प्रैक्टिस कराई जाती है। वहां किनारे नाव पार्क करने तक की जगह नहीं है। कुछ खिलाड़ी बड़े तालाब में प्रेक्टिस करते हैं। दोनों जगहों पर करीब 300 खिलाड़ी प्रैक्टिस करते हैं। हब के बनने से ये सभी एक स्थान पर आ जाएंगे।

यह भी पढ़ें- खुले में मुखाग्नि को मजबूर ग्रामीण, सड़क किनारे हुआ बुजुर्ग का अंतिम संस्कार


रेस के लिए डालनी होती है दो किमी लंबी लाइन

सीनियर कोच जीएल यादव ने बताया कि, लंबे ट्रैक के अलावा जब नावों की रेस होती है तो करीब दो किलोमीटर में एक लाइन भी डाली जाती है। जब हमारे पास पर्याप्त जगह होगी तो ये लाइन भी आसानी से डाली जा सकेगी। इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं के साथ विदेशी खिलाड़ी भी यहां रहकर प्रैक्टिस कर सकेंगे। इसे भविष्य को ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है।

कलेक्टर बोले- जल्द होगा आवंटन

इस संबंध में भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बताया कि, वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को बढ़ावा देने खेल विभाग ने पांच एकड़ जमीन मांगी है। जल्द ही इसका आवंटन उन्हें कर दिया जाएगा।

चैनल गेट में सिर डालते ही फंस गई युवक की गर्दन, देखें वीडियो