विभाग के आयुक्त अमित राठौर के अनुसार कमजोर वर्ग को बढ़ाने के लिए ही सरकार की योजनाएं हैं और बैंक इसमें पूरा सहयोग कर रही है। सरकारी मदद से महिलाएं आगे बढ़ रही है, खुशी की बात है। लोन की यह राशि प्रदेश के 14 लाख 38 हजार 572 बैंक खातों के माध्यम से दी गई। यदि इस आउट स्टैंडिंग राशि को प्रति खाते के अनुसार निकाले तो यह प्रति महिला साढ़े सोलह हजार रुपए के करीब बनती है। हालांकि लोन लेने वाली महिलाओं में एक हजार से अधिक ने 10 लाख रुपए से अधिक राशि का लोन लिया है। गौरतलब है कि स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी प्रदेश की सभी बैंकों की गतिविधियों पर प्रति तीन माह में रिपोर्ट तैयार करती है। इसमें बैंकों के रेवेन्यू से लेकर लोन, वसूली, सरकारी योजनाओं में बैंकों की भूमिका से जुडे़ तमाम आंकड़े होते हैं। इन्हीं के आधार पर प्रदेश में बैंकिंग सेक्टर को लेकर निर्णय और योजनाएं तय होती है।