
बड़ी खबरः इस गर्मी में सूख गया आधा मध्यप्रदेश, बेकाबू हुए इन जिलों के हालात
भोपालः मध्य प्रदेशवासी इस समय भीषण गर्मी का प्रकोप झेल रहे हैं प्रदेश के दमोह का पारा रिकार्ड तोड़ 49 डिग्री पर जा पहुंचा है, वहीं राजधानी का तापमान भी 45 डिग्री पार कर चुका है। वहीं, भीषण गर्मी के दौर से गुज़र रहे प्रदेश के लोग पानी का संकट भी झेल रहे हैं, बता दें, कि जलसंकट रोजाना गहराता जा रहा है। एक तरफ जहां मप्र के हजारों हैंडपंप सूख चुके हैं और कई नल-जल योजनाएं बंद हो चुकी हैं, वहीं प्रदेश के लगभग 50 फीसदी नगरीय निकायों के घरों में भी पीने का पानी रोज़ाना सप्लाई नहीं हो पा रहा है।
आपको बता दें कि, प्रदेश में 378 नगरीय निकाय हैं। नगरीय विकास विभाग के पास मौजूद आंकड़ों के मुताबिक इनमें से 119 निकायों में एक दिन, 47 निकायों में 2 दिन और 17 नगरीय निकायों में तीन दिन छोड़कर पानी सप्लाई किया जा रहा है। हालांकि कई निकायों में स्थिति और भी चिंताजनक होती जा रही है। छिंदवाड़ा जिले के चांदामेटा जैसे शहरों के कुछ इलाकों में सात दिन में एक बार पीने के पानी की सप्लाई हो रही है। 195 निकायों में रोज पानी सप्लाई हो रहा है। भीषण जलसंकट का आलम यह है कि करीब 55 शहरों में प्रशासन को पानी का परिवहन करना पड़ रहा है। यहां टैंकरों की मदद से पानी सप्लाई की जा रही है
भीषण गर्मी के इन दिनों में सूखे से निपटने के लिए नगरीय विकास विभाग ने सूखा राहत आयुक्त से मार्च में 26 करोड़ 66 लाख रुपए मांग की थी, जिसे स्वीकृत करते हुए उन्होंने सिर्फ 5 करोड़ 80 लाख रुपए ही दिए हैं। यह पैसा 23 जिलों के 121 नगरीय निकायों को राहत कार्य के लिए भेजा जाएगा। इसके अलावा विभाग ने 8 करोड़ 30 लाख रुपए विशेष निधि से पेयजल परिवहन के लिए 9 नगरीय निकायों को भी दिए हैं। ये भी बता दें, कि इंदौर, सागर, भोपाल, उज्जैन, खंडवा, रतलाम, देवास में 1 दिन छोड़कर, ग्वालियर में कहीं 2 दिन और कुछ इलाकों में 1 दिन छोड़कर, शिवपुरी में दो दिन और रीवा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सतना में रोज पेयजल सप्लाई हो रही है।
Published on:
28 May 2018 12:23 pm
