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अजब फैसला: पंचों ने कहा मांस का भंडारा कराए पीड़ित परिवार, नीची जाति का था रेप का आरोपी

- चार माह पहले किशोरी के साथ गांव के युवक ने किया था बलात्कार- बलात्कारी नीची जाति का, इसलिए पीडि़ता के शुद्धिकरण का फरमान
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भोपाल

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Deepesh Tiwari

•

Updated: 13 Jun 2019, 10:27 AM IST

panchyat

अजब फैसला: बलात्कार पीडि़ता के परिवार पर मांसाहारी भंडारे का दबाव, समाज ने तोड़ा नाता

राजगढ़@भानु ठाकुर की रिपोर्ट...

महिलाओं व बच्चियों के लिए असुरक्षित होते मध्यप्रदेश के जिलों में जहां हर बार जगह जगह प्रदर्शन व नारेबाजी होती है। वहीं इन मामले में कुछ जिलों के लोग कितने असंवेदनशील हैं इसके बारे में केवल कल्पना ही की जा सकती है। आपने कई बार खाप पंचायतों के ऐसे फैसले सुने होंगे जो आपको सिर से पांव तक हिलाकर रख देते हैं।

लेकिन इस बार हम आपको मध्यप्रदेश में पंचों का एक ऐसा फैसला बताने जा रहे हैं,जिसके बारे में सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। दरअसल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के पास स्थित राजगढ़ जिले से आया है। यहां एक दुष्कर्म पीड़िता के मामले में यहां के एक गांव के पंचों ने एक ऐसा फैसला सुनाया है। जिसे सुनकर या तो आप गुस्से में भर उठेंगे या बुरी तरह से चौंक जाएंगे।

जी हां, हम बात कर रहे हैं राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ ब्लॉक के डूंगरपुरा गांव की, जहां समाज ने एक अजीब फैसला सुनाया है। यहां पंचों ने चार माह पहले हुए बलात्कार के मामले में पीडि़ता के शुद्धिकरण के लिए मांसाहारी भंडारा कराने का फरमान सुनाया है।

यह शुद्धिकरण इसलिए कराना होगा, क्योंकि पीडि़ता आरोपी के मुकाबले ऊंची जाति की है। तब तक पीडि़ता के परिजनों का समाज से नाता-रिश्ता खत्म रहेगा। पीडि़ता के पिता ने बताया कि समाज के फैसले से परेशान होकर उन्होंने सरकार तक अपनी पीड़ा पहुंचाई है। इसकी शिकायत मानव अधिकार आयोग में भी की गई है।

डूंगरपुरा गांव में 17 साल की किशोरी के साथ गांव के ही सियाराम ने चार महीने पहले दुष्कर्म किया था। पीडि़ता की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पीडि़ता का समाज आरोपी से बड़ा था। ऐसे में समाज ने लड़की की शुद्धि के लिए अजीब फरमान सुनाया। इसमें उन्हें गांव में मांसाहारी भंडारा कराने के लिए कहा गया।

पंचनामे पर कराए परिजनों के हस्ताक्षर
इस फैसले के लिए आसपास के गांवों के पंच भी जुटे। सभी ने लिखित में पंचनामा तैयार किया। इस पर पीडि़ता के माता-पिता के हस्ताक्षर लिए गए, लेकिन गरीब परिवार होने से वह अभी तक भंडारा नहीं करा पाए हैं। ऐसे में परिवार को आसपास के गांव से कोई न्योता भी नहीं दिया जा रहा है। हाल ही में पीडि़त परिवार में एक आयोजन हुआ था, इसका न्योता भी गांव के किसी व्यक्ति ने नहीं लिया। न ही कार्यक्रम में कोई शामिल हुआ।

मामला मेरे संज्ञान में आया है। समाज के लोग पीडि़त परिवार पर मांसाहारी भंडारा कराने का दबाव बना रहे हैं। इस संबंध में पुलिस के माध्यम से एफआइआर कराई जाएगी।
-चंद्रसेना भिड़े, महिला बाल विकास अधिकारी, राजगढ़


जब दुष्कर्म की शिकायत मिली थी, तब आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। यह नया मामला है। अभी फरियादी थाने
नहीं पहुंचे हैं। शिकायत मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।
-प्रदीप शर्मा, एसपी राजगढ़

इधर, बहन के साथ नहाने गई मासूम से गैंगरेप
वहीं एक अन्य मामले में मध्यप्रदेश के सिंगरौली के सरई थाना क्षेत्र में बहन के साथ नहाने गई सात साल की बच्ची के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। मासूम को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

टीआई श्रीनाथ झरबड़े ने बताया, मंगलवार को दोपहर में दो नाबालिग आरोपी बच्ची को सुनसान जगह पर ले गए थे। दोनों को हिरासत में लिया है।