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800 करोड़ का श्रीमंदिर हेरिटेज कॉरिडोर प्रोजेक्ट धरातल पर

श्रीमंदिर हेरिटेज कॉरिडोर प्रोजेक्ट बुधवार को धरातल पर उतर आया। इसके साथ ही नव वर्ष के अवसर पर ओडिशा को लोगों को बड़ा उपहार मिला। यह सभी ओडिया लोगों के लिए उत्सव का दिन रहा। 800 करोड़ रुपए में बनाए गए इस प्रोजेक्ट का मकसद 12वीं सदी के जगन्नाथ मंदिर को वल्र्ड हेरिटेज में शामिल करना है। इस अवसर के लिए तीर्थ नगरी पुरी को फूलों, रंग बिरंगी रोशनी और भित्तिचित्रों से सजाया गया है
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भुवनेश्वर

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Rabindra Rai

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Updated: 17 Jan 2024, 4:32 PM IST

800 करोड़ का श्रीमंदिर हेरिटेज कॉरिडोर प्रोजेक्ट धरातल पर

800 करोड़ का श्रीमंदिर हेरिटेज कॉरिडोर प्रोजेक्ट धरातल पर

12वीं सदी के जगन्नाथ मंदिर को वल्र्ड हेरिटेज में शामिल करने का रास्ता साफ
श्रीमंदिर हेरिटेज कॉरिडोर प्रोजेक्ट बुधवार को धरातल पर उतर आया। इसके साथ ही नव वर्ष के अवसर पर ओडिशा को लोगों को बड़ा उपहार मिला। यह सभी ओडिया लोगों के लिए उत्सव का दिन रहा। 800 करोड़ रुपए में बनाए गए इस प्रोजेक्ट का मकसद 12वीं सदी के जगन्नाथ मंदिर को वल्र्ड हेरिटेज में शामिल करना है। इस अवसर के लिए तीर्थ नगरी पुरी को फूलों, रंग बिरंगी रोशनी और भित्तिचित्रों से सजाया गया है। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने पुरी में ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर के आसपास गलियारा परियोजना का उद्घाटन किया। पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव और लगभग 90 मंदिरों के प्रतिनिधियों एवं हजारों भक्तों की उपस्थिति में पटनायक ने श्री मंदिर परिक्रमा प्रकल्प का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया।
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परियोजना भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से ही पूरी: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से ही पूरी हो पाई। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना में पार्किंग क्षेत्र, एक नया पुल, तीर्थयात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए एक सडक़, एक तीर्थस्थल केंद्र, प्रसाधन कक्ष की सुविधाएं, क्लॉकरूम, शौचालय और जगन्नाथ मंदिर के आसपास भक्तों के लिए अन्य सुविधाएं शामिल हैं।
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ये हैं सुविधाएं
दरअसल, दिसंबर 2019 में शुरू हुए प्रोजेक्ट के तहत बने रिसेप्शन सेंटर में 6 हजार भक्त एक साथ खड़े हो सकेंगे। यहां 4 हजार परिवारों के लिए सामान रखने के लिए लॉकर रूम, शेल्टर पवेलियन, मल्टीलेवल कार पार्किंग, पुलिस और फायर ब्रिगेड और इमरजेंसी के लिए शटल बस की सुविधा दी गई है। उद्घाटन के लिए दो दिन पहले यहां महायज्ञ शुरू हुआ। बुधवार को पूर्णाहूति के साथ इसे विधिवत रूप से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है।