
बिजनौर जिला जेल में बंद 5 बंदियों के एचआईवी पॉजिटिव पाए जाने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। इतना ही नहीं इनमें से एक बंदी सप्ताह भर पहले ही जेल से रिहा हो चुका है। जेल प्रशासन अब उसकी तलाश में जुटा है, लेकिन अभी तक उसकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। वहीं कारागार में बंद अन्य चार बंदियों का उपचार शुरू कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों ही जेल में शिविर लगाकर बंदियों की टीबी और एचआईवी की जांच की गई थी, जिसमें पांच बंदी एचआईवी पॉजिटिव मिलने की पुष्टि हुई है।
बिजनौर जेल प्रशासन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने 12 सितंबर से 6 दिवसीय स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया था। उस दौरान 1497 बंदियों की टीबी और एचआईवी की जांच की गई थी। जांच रिपोर्ट में कोई टीबी का मरीज तो नहीं मिला है, लेकिन पांच एचआईवी पॉजिटिव मिलने से जेल प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से मरीजों का उपचार शुरू कर दिया है। जबकि एक एचआईवी पॉजिटिव मरीज सप्ताह भर पहले ही जेल से रिहा हुआ था। जेल प्रशासन का कहना है कि बंदी की रिहाई के समय तक जांच रिपोर्ट नहीं आ सकी थी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग अब संक्रमित की जानकारी जुटाकर उसकी तलाश में जुटा है।
2021 से जेल में बंद चार बंदी
जेल प्रशासन के अनुसार, एचआईवी संक्रमित पाए गए चार बंदी 2021 से ही जिला जेल में बंद हैं। अब संक्रमित बंदियों के खानपान के साथ दवा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बंदियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें विशेष प्रकार का खाना मुहैया कराया जा रहा है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है प्रभावित
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आरएस वर्मा का कहना है कि एचआईवी संक्रमण मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करता है। हालांकि एचआईवी संक्रमित के सामान्य लोगों के साथ रहने में कोई परेशानी नहीं है। वहीं, जेल अधीक्षक डॉ. अदिति श्रीवास्तव ने बताया कि बंदियों के खानपान के साथ दवा को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं।
Published on:
27 Sept 2022 03:15 pm
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