
बिजनौर। पुलिस के लिए यूं तो कई कहावत प्रचलन में हैं। जिनमें से एक कहावत यह भी है कि पुलिस अपनों की भी नही होती। यही कहावत जनपद बिजनौर के थाना स्योहारा में देखने को मिली। दरअसल, आरोप है कि थाना स्योहारा में चन्द रोज पहले आए खुद को दबंग समझने वाले थाना अध्यक्ष की दबंगई से परेशान एक होमगार्ड ने जहरीला पदार्थ खा लिया।
होमगार्ड की हालत बिगड़ते देख परिजन नगर स्थित एक निजी अस्पताल ले आए। जहां के डॉक्टर ने लगातार गिरती हालत को स्थिर किया। वहीं इसकी सूचना मिलने पर अस्पताल पहुंचे थाना अध्यक्ष को होश में आए होमगार्ड ने खूब खरी खोटी सुनाई और अपनी इस हालत का पूरी तरह से थाना अध्यक्ष को ज़िम्मेदार ठराया।
क्या है पूरा मामला
स्योहारा थाना क्षेत्र के ग्राम जगीर निवासी व्यक्ति स्योहारा थाने में होमगार्ड के पद पर तैनात है। आरोप है कि कुछ दिन पूर्व उसकी किसी बात को लेकर स्योहारा थानाध्यक्ष ने डांट दिया था। इसके साथ ही उसकी बेटी जिसकी शादी अभी कुछ ही दिनों पहले हुई थी उसके पति व परिवार के एक व्यक्ति को हवालात में डाल दोनों को शांति भंग में चालान करते हुए होमगार्ड को भी जेल में डाल देने की धमकी दी थी।
आरोप है कि होमगार्ड का दामाद उसी दिन से अपने सुसर की मौजूदगी में हवालात में बन्द व चालान होने से खुद को अपमानित महसूस कर रहा था। जिसका गुस्सा वह होमगार्ड की बेटी पर उतारते हुए दो दिन पहले मायके छोड़ गया। इस सब से अपमानित व परेशान होकर होमगार्ड ने जहरीला पदार्थ खा लिया।
एसपी देहात विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि होमगार्ड की बेटी और दामाद में किसी बात को लेकर कहा सुनी हुई थी। जिसमे पुलिस को सूचना मिलने पर पुलिस ने इस घटना में पहले समझौता भी करा दिया था। बाद में फिर किसी मामले में बेटी और दामाद में कोई बातचीत हुई। दोबारा घटना होने पर स्योहारा कोतवाल अरिंहत कुमार ने होमगार्ड को कुछ कह दिया था। होमगार्ड द्वारा कोतवाल पर लगाये गए आरोप की पुलिस जांच कराएगी।
Published on:
10 May 2018, 2:49 PM IST
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