
बिजनौर. अपने मातहतों की हौसला अफजाई करना कितना जरूरी होता है, यह सीखना है तो मुरादाबाद मंडल के आईजी रमित शर्मा से सीखिये। बता दें कि नहटौर में ड्यूटी के दौरान एक दरोगा कोरोना से संक्रमित हो गए थे और उसके बाद से ही मुरादाबाद टीएमयू में कोरोना से जूझ रहे थे। वहीं आईजी रमित शर्मा उनके स्वास्थ्य की पल-पल की जानकारी ले रहे थे। लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार नहटौर थाने के उपनिरीक्षक ने शुक्रवार को कोरोना को हरा दिया। इसकी जानकारी मिलते ही आईजी रमित शर्मा फूलों का गुलदस्ता लेकर अस्पताल पहुंचे और खुद उपनिरीक्षक को डिस्चार्ज कराया।
दरअसल, बिजनौर जिले के नहटौर थाना क्षेत्र में कोरोना संक्रमितों मरीजों व संदिग्धों को क्वारंटीन कराने और उनकी मेडिकल जांच आदि के दौरान नहटौर थाने के दरोगा नन्हे सिंह संपर्क में आ गए थे। जैसे ही उन्हें खुद को कोरोना होने का संदेह हुआ तो उन्होंने स्वयं अपने सैंपल जांच के भिजवाए। 19 अप्रैल को रिपोर्ट आने पर उन्हें कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद नन्हें सिंह को संभल जिले के कोविड हॉस्पिटल भेज दिया गया, लेकिन वहां से उन्हें मुरादाबाद टीएमयू में उपचार के लिए भेज दिया गया। इस दौरान उनके स्वास्थ्य पर आईजी रमित शर्मा पूरी नजर बनाए हुए थे। जहां उपचार के दौरान अलग-अलग समय पर उनके दो सैंपल जांच के लिए भेजे गए। दोनों ही सैंपल निगेटिव पाए जाने पर दरोगा को चिकित्सकों कोरोना मुक्त घोषित कर दिया।
जैसे दरोगा के कोराेना वायरस मुक्त होने की जानकारी आईजी रमित शर्मा को मिली तो जैसे उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। सूचना मिलते ही आईजी रमित शर्मा फूलों का गुलदस्ता लेकर अस्पताल पहुंच गए और खुद दरोगा को अस्पताल से डिस्चार्ज कराते हुए उन्हें फूलों का गुलदस्ता देकर उनके जोश, जुनून और जज्बे की तारीफ की।
Published on:
02 May 2020 12:24 pm
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