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VIDEO: UPSC Result: नहीं मानी हार और इस बार जुनैद ने तीसरी रैंक हासिल कर बने IAS,पढ़ें पूरी खबर

UPSC में जुनैद को मिली तीसरी रैंक 2017 में जुनैद को मिली थी 352 वी रैंक परिवार में जश्न का माहौल
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बिजनोर

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Ashutosh Pathak

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Updated: 6 Apr 2019, 11:14 AM IST

nagina

नहीं मानी हार और इस बार जुनैद ने तीसरी रैंक हासिल की

बिजनौर। UPSC के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। जिसमें नगीना के रहने वाले जुनैद अहमद ने भी तीसरा स्थान हासिल किया है। जुनैद अहमद के तीसरा स्थान आने के बाद उनके घर पर जश्न का माहौल है। बधाई देने वालों का तांता लगा है। लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से इस मुकाम को हासिल किया और अपने परिवार के साथ-साथ पूरे जिले का नाम रोशन किया है। 27 साल के जुनैद कहते हैं कि मैं खानदान में पहला आईएएस बना हूं।

आप जानकर हैरानी होगी संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा 2017 में जुनैद को 352 वी रैंक मिली थी। इसके बाद वह इंडियन रेवेन्यू सर्विस (आईआरएस) में शामिल हो गए थे। तब से वो इसी में प्रशीक्षण ले रहे हैं। लेकिन उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और लगातार परिश्रम करते रहे और इस बार यूपीएससी परीक्षा में उनको तीसरी रैंक मिली है।

जुनैद अहमद ने नगीना के सेंट मेरी स्कूल से इंटर तक कि पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने नोएडा के शारदा विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इनजिनियरिंग में स्नातक किया है। जुनैद के पिता जावेद हुसैन वकील है और मां आइशा गृहणी है। जुनैद की 2 बहन व एक छोटा भाई है। जुनैद ने दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया के रेजिडेंशियल कोचिंग आकदमी से मार्गदर्शन लिया है। वह 2015 से यहां से जुड़े हैं। इस संस्था की ओर से सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी के लिये यहां मुफ्त कोचिंग दी जाती है। इसके साथी ही जुनैद ने बताया कि सिविल सर्विसेज की तैयारी की शुरुआत में आठ से 10 घंटे लगातार पढ़ाई करते थे। बेसिक समझ में आने के बाद तैयारी का समय घटकर चार घंटों तक सिमट गया। उन्होंने कहा कि घंटों से पढ़ाई नहीं होती। जो भी पढ़ें, ध्यान लगाकर तैयारी करें तो सफलता अवश्य मिलेगी।

वहीं जुनैद ने बताया कि इस रिजल्ट आने के बाद जुनैद के परिवार वालो ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इज़हार किया। उनकी दो बहनें हैं एक बड़ी महविश हैं जिनकी शादी हो गई है और छोटी बहन हादिया प्राइवेट जॉब कर रही हैं। देानों ही बहनें अपने भाई पर गर्व कर रही हैं। छोटा भाई अरहान 12वीं में है, वो भी नगीना में ही पढ़ता है।