एक्सप्रेस हाइवे का बीकानेर जिले के लूणकरनसर, बीकानेर और नोखा उपखण्ड क्षेत्र में करीब १५५ किलोमीटर हिस्सा गुजर रहा है। इसके लिए अवाप्त कृषि भूमि की सिंचित, असिंचित, स्ट्रक्चर यानि निर्मित ढांचा, विलेज रोड की मुआवजा दर अलग-अलग है। भूमि अवाप्ति अधिकारी तीनों एसडीएम की ओर से पहले कुछ किसानों की सिंचित भूमि का असिंचित दर से अवार्ड पारित कर दिया गया। जिस पर किसानों को कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़े। फिर खेत में निर्मित नलकूप, डिग्गी, जलहोज, पॉली हाउस, पशु बाड़ा जैसे पक्के निर्माण का कुछ किसानों को अवार्ड देने से वंचित कर दिया गया। इसके बाद तीसरे मामले विलेज रोड को लेकर सामने आए है। जिनमें लूणकरनसर और नोखा उपखण्ड अधिकारी ने प्रथम अवार्ड में विलेज रोड के प्रावधान को मानते हुए उसकी दर से अवार्ड बनाए लेकिन, बीकानेर उपखण्ड अधिकारी ने प्रथम अवार्ड में विलेज रोड के फायदे से किसानों को वंचित कर दिया।