योगी ने बताया कि बैंक कर्मियों की मुख्य मांगों में निजीकरण को रोकने, पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने, समय से पहले अनिवार्य सेवा निवृत्ति कानून को वापस लेने तथा सभी किसान विरोधी एवं श्रमिक विरोधी कानूनों को वापस लेने की मांग की गई थी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रव्यापी हड़ताल के साथ-साथ बैंकों के निजीकरण को रोकने, डूबत ऋणों की त्वरित वसूली करने, बैंकों में ठेका प्रथा को बंद करने, सरकारी बैंकों को मजबूत बनाने, पुरानी पेंशन योजना की बहाली करने एवं जमाओं पर ब्याज दर बढ़ाने को लेकर लाखों बैंक कर्मी भी एक दिवसीय अखिल भारतीय बैंक हड़ताल पर रहे।