प्रभारी अधिकारी कपिल पाण्डे ने बताया कि यह फेलोशिप योजना तीन वर्ष की अवधि के लिए लागू होगी एवं जिसे शोधार्थी के प्रदर्शन के आधार पर विश्वविद्यालय की सिफारिश पर एआईसीटीई की ओर से कुल एक वर्ष प्रत्येक छ: माह के दो स्लॉट के लिए विस्तारित भी किया जा सकता है। शोध छात्रों को फैलोशिप के अलावा एचआरए एवं कन्टीजेन्सी भी प्रदान की जाएगी।