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पीबीएम में आज से छह ओपीडी कक्ष

डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों की समीक्षा बैठक, सेटेलाइट में लागू होगा टोकन सिस्टम
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बीकानेर

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Atul Acharya

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Updated: 20 Oct 2021, 8:07 PM IST

पीबीएम में आज से छह ओपीडी कक्ष

पीबीएम में आज से छह ओपीडी कक्ष

बीकानेर. डेंगू तथा अन्य मौसमी बीमारियों को देखते हुए पीबीएम अस्पताल में मरीजों की भीड़ दिनों दिन बढऩे लगी है। इस वजह से मरीजों को अपना इलाज कराने में घंटों इतंजार करना पड़ रहा है। इस इंतजार को खत्म करने के लिए अब पीबीएम अस्पताल में बुधवार से छह ओपीडी कक्ष लगाए जाएंगे। इस समय तीन ओपीडी कक्ष ही चल रहे हैं। इसके अलावा सेटेलाइट अस्पताल में भी टोकन सिस्टम लागू किया जाएगा ताकि मरीजों का समय पर इलाज शुरू हो सके। मंगलवार को डेंगू तथा अन्य मौसमी बीमारियों की स्थिति को देखते हुए जिला कलक्टर नमित मेहता ने समीक्षा बैठक की। इसमें पीबीए तथा सेटेलाइट अस्पताल में व्यवस्थाओं को चाकचौबंद रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार आउटडोर की संख्या बढ़ाते हुए अतिरिक्त चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जाए जिससे मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। उन्होंने डेंगू की वर्तमान स्थितियों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में यह निर्देश दिए।


उन्होंने कहा कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा पीबीएम के लिए आवश्यकता के अनुरूप सीएचए की अस्थाई नियुक्ति की जाए। आदेश के बावजूद ज्वाइन नहीं करने वाले कार्मिक की सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाए। उन्होंने डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों के इलाज के लिए दवाओं, प्लेटलेट्स और बेड की स्थिति की समीक्षा की व एंटी लार्वा की गतिविधियों में गति लाने के निर्देश दिए।


पीबीएम में छह ओपीडी कक्ष
पीबीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. परमिंदर सिरोही ने बताया कि पीबीएम अस्पताल में बुधवार से तीन की बजाय ओपीडी के छह कक्ष होंगे। इन सभी छह ओपीडी कक्षों में अलग-अलग चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जाएगी ताकि मरीजों को बेवजह इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

जिला अस्पताल में लागू होगा टोकन सिस्टम
जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ प्रवीण चतुर्वेदी ने बताया कि बुधवार से अगले कुछ दिनों तक अस्थाई टेंट लगाकर सैंपलिंग कार्य को मुख्य भवन से बाहर शिफ्ट किया जाएगा, जिससे एक स्थान पर अनावश्यक भीड़ नहीं होगी। इसी प्रकार मेडिसिन आउटडोर भी बाहर शिफ्ट कर दिया गया है। इसमें टोकन मशीन लगाकर मरीजों को बारी-बारी से प्रवेश दिया जाएगा। पीडियाट्रिक वार्ड में भी टोकन सिस्टम होगा और मौसमी बीमारियों की जांच एवं उपचार के लिए बाहर की ओर अलग टेंट लगाया जाएगा। अस्पताल के मुख्य काउंटर में भी सभी पांचों काउंटरों पर पर्ची बनवाई जा सकेगी।