
600 patients dependent on five doctors
बीकानेर. श्रीडूंगरगढ़. उपखण्ड क्षेत्र के सौ गांवों के मरीजों का इलाज करने वाला कस्बे का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चिकित्सकों की कमी के कारण खुद बीमार है।
यहां प्रतिदिन छह सौ से अधिक मरीज उपचार करवाने आ रहे हैं लेकिन पिछले कई वर्षों से चिकित्सक की कमी के कारण समुचित उपचार नहीं मिल पाता है। राष्ट्रीय राजमार्ग के करीब होने से दुर्घटना में घायल भी बड़ी संख्या में आते हैं लेकिन चिकित्सकों की कमी के कारण बीकानेर रेफर करना मजबूरी हो जाता है।
इस अस्पताल में फिलहाल 13 चिकित्सकों के पद स्वीकृत है लेकिन हैरानी की बात है कि यहां केवल पांच ही कार्यरत है। इसमें भी महिला चिकित्सक, शिशुरोग, फीजिशियन जैसे पद अर्से से खाली है। इसके अलावा आए दिन पोस्टमार्टम, न्यायालय में तारीख पेशी, स्वास्थ्य विभाग की बैठके आदि भी शामिल है। चिकित्सकों के साथ नर्सिंग स्टाफ की भी कमी का खामियाजा रोगियों को भुगतना पड़ रहा है।
महिला चिकित्सक का पद वर्षों से रिक्त
अस्पताल में महिला चिकित्सक का पद वर्षों से रिक्त है। इससे प्रसूताओं को निजी अस्पतालों में प्रसव करवाना मजबूरी है। गौरतलब है कि दूरदराज सरकारी अस्पताल नहंीं होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी तादाद में रोगी आते है। अस्पताल में रोगियों की भीड़ लगी रहती है। डॉक्टरों के चैम्बरों के आगे भी यहीं हाल बना रहता है।
इनके है पद रिक्त
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्त्रीरोग चिकित्सक एक, फिजिशियन एक, शिशुरोग एक, एसएमओ दो, एमओ तीन पद रिक्त है। नर्सिंग स्टाफ में 19 पद स्वीकृत है। इनमें सात पद अभी खाली है। वहींं एएलटी, एसएलटी, एलटी, रेडियोग्राफर के पद भी खाली है। वरिष्ट लिपिक एक व चतुर्थश्रेणी के दो पद रिक्त पड़े है।
बारिश में हालात हो जाते विकट
कस्बे की बसावट कटोरीनुमा होने के कारण बारिश के दौरान पानी अस्पताल परिसरके इर्दगिर्द ही भर जाता है। यहां दो तीन फुट तक पानी आने से अस्पताल में घुसना व बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। चारों ओर से चिकित्सालय पानी से घिर जाता है।
विभाग को अवगत करवाया
रिक्त पदों को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को अवगत करवाया गया है।
डॉ. एस.के. बिहानी प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, श्रीडूंगरगढ़
Published on:
07 Aug 2019 06:00 am
