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शास्त्रीय संगीत के बिखरे रंग, लोक गीतों की प्रस्तुति

बीकानेर थिएटर, आर्ट एवं कल्चर फेस्टिवल  
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बीकानेर

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Vimal Changani

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Updated: 27 Jan 2021, 7:01 PM IST

शास्त्रीय संगीत के बिखरे रंग, लोक गीतों की प्रस्तुति

शास्त्रीय संगीत के बिखरे रंग, लोक गीतों की प्रस्तुति

बीकानेर. बीकानेर थिएटर, आर्ट एवं कल्चर फेस्टिवल में बुधवार को शास्त्रीय संगीत के रंग बिखरे, वहीं लोक गीतों की प्रस्तुतियां हुई। लोकायन संस्थान की ओर से आयोजित वर्चुअल फेस्टिवल में कलाओं, साहित्य एवं कृति पर चर्चाए हुई। फेस्टिवल में शास्त्रीय गायक हुल्लास पुरोहित ने राग ललिता की प्रस्तुति दी। शास्त्रीय गायक नारायण दास रंगा ने अपने बाल शिष्यों के साथ शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति दी। भजन गायक गुलाम रसूल, श्री कोलायत की लोक गायिका मांगी बाई ने लोक गीतों की प्रस्तुति दी।

राजस्थान कला एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित हो रहे फेस्टिवाल में मिनिएचर कलाकार महावीर स्वामी के साथ अब्दुल लतीफ उस्ता एवं अमित कल्ला ने एवं कथाकार अनिरुद्ध उमट ने पेंटर सीरज सक्सेना के साथ कला संवाद किया। फेस्टिवल से जुड़े नवल किशोर व्यास के अनुसार शिखर संवाद कार्यक्रम में साहित्यकार एवं कवि डॉ. नन्द किशोर आचार्य के साथ मालचंद तिवाड़ी ने संवाद किया। कृति चर्चा में आईएएस नवीन जैन की पुस्तक वैक्सीन ५० पर पीएस वोहरा ने संवाद किया। लोकायन के गोपाल सिंह चौहान के अनुसार फेस्टिवल में गुरुवार को शिखर संवाद, कृति चर्चा, संवाद कार्यक्रम, लोक गीतों और कबीर के भजनों की प्रस्तुति होगी। काली सलवार नाटक का मंचन होगा।