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देवनानी कल आएंगे बीकानेर, निदेशालय के नए भवन का करेंगे उद्घाटन

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में निर्मित मुख्य प्रशासनिक भवन का लोकार्पण भी करेंगे। उधर, माध्यमिक निदेशालय के नए भवन के उद्घाटन की तैयारियां जोरों पर हैं।
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बीकानेर

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Anushree Joshi

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Updated: 12 Dec 2017, 9:29 AM IST

Chief administrative building

प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा व भाषा विभाग मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी बुधवार को बीकानेर आएंगे।
वे यहां प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के सभी अनुभाग अधिकारियों की बैठक लेंगे। बैठक के मद्देनजर अनुभाग अधिकारियों को मॉनिटरिंग अनुभाग को प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

वे बुधवार सुबह 10 बजे माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में निर्मित मुख्य प्रशासनिक भवन का लोकार्पण भी करेंगे। उधर, माध्यमिक निदेशालय के नए भवन के उद्घाटन की तैयारियां जोरों पर हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के भवन में 211 कमरे हैं। इन्हें विभिन्न अनुभागों को आवंटित कर दिए गए हैं। निदेशक कक्ष के बाहर अनुभागों को आवंटति कक्षों का बोर्ड लगाया गया है।

भवन निर्माण की लागत 6 करोड़, विद्युतीकरण की 3 करोड़ तथा फर्नीचर की लागत दो करोड़ स्वीकृत की गई है। नए भवन में फर्नीचर का काम अभी तक बाकी है। इस कार्य के लिए राशि तो स्वीकृत हो गई है, लेकिन काम बाकी है।

साफ-सफाई का काम
इस बीच निदेशालय परिसर की साफ-सफाई तथा रख-रखाव का काम तेजी से किया जा रहा है। कार्मिक अपने अनुभागों को ठीक करने, प्रगति रिपोर्ट बनाने तथा उद्घाटन की तैयारी में जुटे हैं। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता जल संसाधन मंत्री अर्जुनराम मेघवाल करेंगे। विशिष्ट अतिथि संसदीय सचिव डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, विधायक डॉ. गोपाल जोशी, सिद्धि कुमारी होंगी।

प्रतिभाओं की पहचान करें शिक्षक
सेठ तोलाराम बाफना अकादमी में सोमवार को विद्यार्थियों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं के शैक्षिक उन्नयन को लेकर कार्यक्रम हुआ। मुख्य वक्ता वित्तीय सलाहकार बीजी डागा थे। वहीं शिक्षक-शिक्षिकाओं के उन्नयन एवं कौशल में वृद्धि के लिए प्रसिद्ध लेखक कवि चिंतक एवं आलोचक डॉ. नंदकिशोर आचार्य थे।

इस अवसर पर आचार्य ने शिक्षकों से कहा कि विद्यार्थी में अनेक प्रतिभाएं होती हैं, उनकी पहचान कर उसे विकसित करने में मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी की जिज्ञासाओं को शांत करना ही शिक्षक का काम होना चाहिए।

आचार्य ने कहा कि आज की शिक्षा विद्यार्थी को असंवेदनशीलता की ओर धकेल रही है, जिससे प्रतिभा का पलायन विकृत दिशा की ओर हो रहा है, हमें इस पलायन को रोकना होगा। बीजी डागा ने भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास तथा वर्तमान से संबंधित बिन्दुओं को अभिव्यक्त किया। शाला सीईओ डॉ. वोहरा ने आगन्तुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।