
'साब! बिजली कनेक्शन बूंद-बूंद सिंचाई योजना में लियो हो, तीन साल होग्या पर सामान्य श्रेणी में कौनी बदल्यो। ऊपर सूं लाखों रुपयों रो बिल भेज दियो है।' मूंडसर निवास कृषि उपभोक्ता प्रभुराम ने गुरुवार को बिजली निगम के अधिकारियों को अपनी व्यथा सुनाई।
प्रभुराम अपनी फरियाद लेकर मुख्य संभागीय अभियंता कार्यालय पहुंचा था, जहां विद्युत समस्याओं के समाधान के लिए जनसुनवाई की जा रही थी। वहां उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के प्रभुराम बीते वर्षों के बिजली बिल साथ लाए थे। उन्होंने बताया कि इन बिलों में गड़बड़झाला था, इसका निस्तारण अब भी नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि उसके बिल की बकाया राथि थी, तो ट्रांसफार्मर उतार लिया।
इसके बाद नवंबर-2016 में 6 लाख 19 हजार 175 रुपए जमा कराए दिए थे। इसके बावजूद बूंद-बूंद सिंचाई कनेक्शन योजना के आधार पर ही उन्हें बिल थमाया जा रहा है। अंतिम बिल नवंबर-2017 में 7 लाख 39 हजार रुपए का
थमाया है। यह राशि जमा नहीं कराने पर ट्रांसफार्मर उतारने की चेतावनी दी है।
35 हजार का आता है बिल
नियमानुसार बूंद-बूंद पद्धति में कनेक्शन तीन साल के बाद सामान्य श्रेणी में बदल जाता है। इससे उपभोक्ताओं का एक बिल का नौ हजार रुपए ही शुल्क लगता है। प्रभुराम का आरोप था कि उन्होंने वर्ष २००९ में बूंद-बूंद सिंचाई पद्धति का बिजली कनेक्शन लिया था, लेकिन उन्हें अब भी पुरानी दरों के हिसाब से बिल थमाया गया है। इस योजना में उपभोक्ता को 35 हजार रुपए का बिल दिया जाता है।
इनको थमाया तीन लाख का
कुछ इसी तरह की समस्या नापासर क्षेत्र के प्रेमाराम की थी। उनका आरोप था कि उनके एक ट्रंासफार्मर लगा हुआ है, इसके बावजूद दो ट्रांसफार्मर के बिजली लोड के बराबर शुल्क की वसूली के लिए बिल थमा दिया गया है। इसमें जुर्माना भी लगाया गया है। उन्हें तीन लाख रुपए का बिल थमा दिया, जबकि बिजली खर्च के लिहाज से सवा लाख रुपए का बिल आना चाहिए।
प्रेमाराम भी जनसुनवाई में पहुंचे, लेकिन समस्या का समाधान यहां भी नहीं हुआ। इसके लिए उन्हें सतर्कता समिति की बैठक में आवेदन करने को कहा गया। प्रेमाराम ने बताया कि वे काफी समय से इस समस्या के समाधान के लिए चक्कर लगा रहे हैं। इस तरह के यह एक-दो उपभोक्ता ही नहीं है, जनसुनवाई में कई उपभोक्ता बिलों की समस्या लेकर पहुंचे।
34 प्रकरणों की सुनवाई
विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए गुरुवार को संभागीय अभियंता कार्यालय में हुई जनसुनावाई में शहर व ग्रामीण वृत्त के 34 प्रकरण सामने आए। इसमें 14 प्रकरण बीकेईसीएल से जुडे थे, वहीं 20 प्रकरण ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के थे। जोधपुर विद्युत वितरण निगम के तकनीकी निदेशक बीएस रतनू ने सुनवाई की। इसमें शहरी क्षेत्र में बिजली बिलों, जर्जर पोल की समस्या सामने आई।
वहीं ग्रामीण उपभोक्ताओं ने बिजली बिलों की पुरानी समस्याएं रखी। विद्युत निगम टीम ने सभी उपभोक्ताओं को एक सप्ताह में प्रकरणों के निस्तारण का भरोसा दिलाया है। कुछ प्रकरण सतर्कता व समझौता समिति की बैठकों में शामिल करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में संभागीय अभियंता प्रेमजीत धोबी, अधीक्षण अभियंता हवाङ्क्षसह, पुलिस उपाधीक्षक (सतर्कता) मुमताज अली, अधीक्षण अभियंता एआर जांगिड़, अधीशासी अभियंता आरआर सारण, बीकेईसीएल के प्रभारी डी. चटर्जी आदि मौजूद थे।
Published on:
29 Dec 2017 09:45 am
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