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फिर से अवकाश पर रहे सेवारत चिकित्सक, डिस्पेंसरियों से मायूस लौटे मरीज

करीब 170 सेवारत चिकित्सक एक दिन के सामूहिक अवकाश पर रहे। इससे डिस्पेंसरियों में पहुंचने वाले मरीजों को बिना इलाज ही लौटना पड़ा।
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बीकानेर

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Anushree Joshi

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Updated: 9 Dec 2017, 10:59 AM IST

Dispensary

अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के आंदोलन के दौरान हुए समझौते को 25 दिन बाद भी लागू नहीं करने, संघ के पदाधिकारियों के तबादलों के विरोध में शुक्रवार को जिले के करीब 170 सेवारत चिकित्सक एक दिन के सामूहिक अवकाश पर रहे। इससे डिस्पेंसरियों में पहुंचने वाले मरीजों को बिना इलाज ही लौटना पड़ा।

हालांकि पीबीएम और जिला अस्पताल के डॉक्टर काम पर आए थे। संघ के बीकानेर अध्यक्ष डॉ. नंदकिशोर सुथार ने बताया कि 12 नवंबर को सेवारत चिकित्सकों के सरकार के साथ हुए समझौते के बाद गर्भवती महिला चिकित्सक के साथ एक आरएएस अधिकारी के दुव्र्यवहार से सभी डॉक्टर नाराज हैं।

साथ ही प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अजय चौधरी और अन्य पदाधिकारियों पर दमनात्मक कार्रवाई से चिकित्सकों में रोष है। विरोधस्वरूप चिकित्सक पिछले सात दिन से अस्पताल परिसर में टेंट में मरीज देख रहे थे। चिकित्सकों ने मीटिंग, कैम्प, रिपोर्ट, वीडियो कॉन्फ्रेंस का बहिष्कार कर रखा था, लेकिन चिकित्सकीय कार्य कर रहे थे।

गंगाशहर के शिवप्रताप पूनमचंद भट्ठड़ राजकीय चिकित्सालय में शुक्रवार को आउटडोर में करीब 250 मरीज ही पहुंचे, जबकि वहां रोजना करीब 600 मरीज आते हैं। अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष चांडक एवं फिजिशियन डॉ. मनोज माली के कक्षों के आगे मरीजों की भीड़ रही। अस्पताल के डॉ. मुकेश वाल्मीकि, डॉ. राकेश वर्मा, डॉ. अंजना कोचर एवं सजीव सहगल सामूहिक अवकाश पर रहे।

ये हैं मांगें
-हड़ताल के समय चिकित्सकों पर की गई कार्रवाई और मुकदमों को वापस लिया जाए।
-पीएचएस वीनू गुप्ता के मौखिक आश्वासन के आधार पर सामूहिक अवकाश को पीएल या सीएल अवकाश में समायोजित करने के आदेश जारी हों।
-डॉ. आशालता के साथ गर्भवती होने के बावजूद दुव्र्यवहार करने वाले अतिरिक्त निदेशक (आरएस अधिकारी) को हटाकर चिकित्सक लगाया जाए।
-प्रताडि़त 12 चिकित्सकों के तबादला आदेश तुरंत वापस हों।

ऋण के लिए आवेदन मांगे
राजस्थान अनुसूचित जाति, जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड की ओर से अनुसूचित जाति, जनजाति, स्वच्छकार वर्ग के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के व्यक्तियों को पोप योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।

परियोजना प्रबंधक मदनलाल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के व्यक्ति सम्बंधित पंचायत समिति से तथा शहरी क्षेत्र के व्यक्ति अनुजा निगम या संबंधित नगरपालिका से आवेदन पत्र प्राप्त कर जमा करवा सकते हैं। नियमानुसार ऋण के साथ 10 हजार रूपए का अनुदान देय होगा।