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माध्यमिक व सर्व शिक्षा की जगह अब समग्र शिक्षा अभियान

केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार के प्रस्ताव पर राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान एवं सर्व शिक्षा अभियान का एकीकरण कर दिया है।
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बीकानेर

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dinesh kumar swami

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Updated: 31 May 2018, 1:24 PM IST

बीकानेर . केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार के प्रस्ताव पर राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान एवं सर्व शिक्षा अभियान का एकीकरण कर दिया है। इन दोनों परियोजनाओं को अब समग्र शिक्षा अभियान नाम दिया गया है। अब समग्र शिक्षा परिषद (एएमएसए) काम करेगी। इसमें आयुक्त का पद सृजित किया जाएगा। इस आशय के आदेश इसी सप्ताह राज्य सरकार ने जारी किए हैं। माना जा रहा है कि माध्यमिक एवं प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आयुक्त के अधीन काम कर सकते हैं।

सर्व शिक्षा अभियान में स्कूलों में आधारभूत संसाधनों का विकास, शिक्षकों को प्रशिक्षण, अनामांकित बच्चों का स्कूलों में नामांकन करवाना, विशेष योग्यजन बच्चों के शिक्षण के संसाधन उपलब्ध करवाना आदि कार्य प्रारंभिक शिक्षा में किए जाते रहे हैं। यही कार्य माध्यमिक शिक्षा में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान में किए जाते रहे हैं। अब इन दोनों को मिलाकर समग्र शिक्षा अभियान बनाया गया है।

राज्य सरकार ने भेजा प्रस्ताव
केन्द्र प्रवर्तित योजना सर्व शिक्षा व राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के एकीकरण की योजना का प्रस्ताव राज्य सरकार ने केन्द्र को भिजवाया था। इस प्रस्ताव पर विभिन्न स्तर पर विचार-विमर्श के बाद केन्द्र सरकार ने एकीकरण के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी।
समग्र शिक्षा अभियान में अब शिक्षा के संसाधनों के विकास का काम होगा।


अवधि पूरी

सर्व शिक्षा अभियान तथा राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान परियोजना की अवधि पूरी हो गई है। राष्ट्रीय स्तर पर हुए निर्णय के आधार पर इन दोनों को मिलाकर एक कर दिया गया है। इसका नाम समग्र शिक्षा अभियान कर दिया गया है। इसमें आयुक्त पद का प्रावधान किया गया है।
नूतन बाला कपिला, संयुक्त निदेशक (कार्मिक), माशि निदेशालय बीकानेर

विशेष विद्यार्थियों की सही जानकारी नहीं
बीकानेर. यू-डाइस २०१७-१८ एवं शाला दर्पण पोर्टल पर विशेष आवश्यकता वाले बालक-बालिकाओं की पूरी जानकारी नहीं है। इन बालक-बालिकाओं की संख्या में अंतर पाया गया है। इसमें २०६ विद्यालयों के ३६१ विद्यार्थियों की सही जानकारी अपडेट नहीं है। रमसा के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक हेतराम सारण ने बताया कि

इस अंतर को यू-डाइट डाटा २०१७-१८ में शाला दर्पण पोर्टल पर तीन दिवस में सही करना सुनिश्चिता करावें तथा प्राथमिकता से करें। सही जानकारी नहीं भरने पर विरूद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसमें बीकानेर की ६०, श्रीडूंगरगढ़ के ४०, खाजूवाला के १८, श्रीकोलायत के २४, लूणकरणसर के ३१, नोखा के १७, पांचू के १६ विद्यालयों की पूरी जानकारी अपडेट नहीं है।