बीकानेर. होली रंग, गुलाल, इत्र और पानी से खेली जाती है। इस दिन लोग विभिन्न प्रकार के रंगों से सराबोर होकर होली की मस्ती और उमंग में डूबे रहते है। हर कोई एक-दूसरे को रंग और गुलाल से सराबोर करने को आतुर रहता है। बीकानेर में होलिका दहन की राख से भी होली खेलने की परम्परा रही है। वहीं कीकाणी व्यास चौक में धुलंडी के दिन खेली जाने वाली बालू रेत से होली अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। यह दशकों से खेली जा रही है।