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दिल लग रया दर्शन पाने में, करो आशापुरा आनंद शहर बीकोणे में

बिस्सा चौक में नौटंकी शहजादी रम्मत का मंचन
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बीकानेर

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Vimal Changani

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Updated: 25 Mar 2021, 6:10 PM IST

दिल लग रया दर्शन पाने में, करो आशापुरा आनंद शहर बीकोणे में

दिल लग रया दर्शन पाने में, करो आशापुरा आनंद शहर बीकोणे में

बीकानेर. होलाष्टक में मंचित हो रही रम्मतों के क्रम में बुधवार मध्यरात्रि को बिस्सा चौक में नौटंकी शहजादी रम्मत का मंचन शुरू हुआ। उस्ताद कृष्ण कुमार बिस्सा के सानिध्य में मंचित हो रही रम्मत गुरुवार सुबह 10 बजे तक मंचित होगी। रम्मत का आगाज मां आशापुरा स्वरूप के अखाडें में पदार्पण और स्तुती वंदना के साथ हुआ। रम्मत स्थल पर मौजूद लोगों ने मां आशापुरा स्वरूप की चरण वंदना कर सुख समृद्धि की कामना की। महिलाओं और पुरुषों ने सामुहिक रूप से मां आशापुरा का स्तुती गान ‘ बनो सहायक छंद बनाने में, करो आशापुरा आनंद शहर बीकोणै में, दिल लग रया दर्शन पाने में’ गायन किया गया। इसके बाद जोशी-जोशण स्वांग पात्रों के माध्यम से अच्छे जमाने के शगुन मनाए गए। सभी के लिए सुख समृद्धि की कामना की गई।


मध्यरात्रि बाद नौटंकी शहजादी रम्मत का मंचन शुरू हुआ। देवर और भाभी के संवाद के साथ शुरू हुई रम्मत में भाभी की ओर से देवर को ताना देने, नाराज देवर का नौटंकी शहजादी से विवाह करने के लिए निकलने, महल के पास पहुंचकर मालिन से देवर की मुलाकात, स्त्री रूप धारण कर महल में प्रवेश, शहजादी के मन भाने, स्त्री वेश में पुरुष का पता लगने, राजा की ओर से सूली पर चढ़ाने का आदेश देने और नौटंकी शहजादी की ओर से उसे बचाकर विवाह करने के कथानक से गुंथित रम्मत गुरुवार सुबह तक मंचित होगी।

आशापुरा नाट्य एवं कला केन्द्र की ओर से उस्ताद रमणसा बिस्सा के अखाड़े में मंचित हो रही नौटंकी शहजादी रम्मत में कृष्ण कुमार बिस्सा, मनोज कुमार व्यास, बलदेव दास बिस्सा, विकास पुरोहित, विष्णु बिस्सा, प्रेमरतन गहलोत, महेन्द्र कुमार बिस्सा आदि कलाकार भूकिाएं निभा रहे है। नगाडे पर मनीष व्यास और हारमोनियम पर गोविन्द गोपाल बिस्सा संगत दे रहे है।