मध्यरात्रि बाद नौटंकी शहजादी रम्मत का मंचन शुरू हुआ। देवर और भाभी के संवाद के साथ शुरू हुई रम्मत में भाभी की ओर से देवर को ताना देने, नाराज देवर का नौटंकी शहजादी से विवाह करने के लिए निकलने, महल के पास पहुंचकर मालिन से देवर की मुलाकात, स्त्री रूप धारण कर महल में प्रवेश, शहजादी के मन भाने, स्त्री वेश में पुरुष का पता लगने, राजा की ओर से सूली पर चढ़ाने का आदेश देने और नौटंकी शहजादी की ओर से उसे बचाकर विवाह करने के कथानक से गुंथित रम्मत गुरुवार सुबह तक मंचित होगी।