बीकानेर जिले में कम पानी की फसलों में सरसों, चना व मेथी होती है। इस संबंध में सहायक कृषि निदेशक आरके मेहरा ने बताया कि नोखा व श्रीडूंगरगढ़ में कुओं व ट्यूबवैल से सिंचाई की जाती है। यहां पर अधिकतर गेहूं की फसल होती है। नोखा में कुछ क्षेत्र में मेथी भी होती है। खाजूवाला में सरसों व गेहूं तथा लूणकनरसर के बारानी क्षेत्रों में चना होता है। अक्कासर, भोलासर की तरफ जीरा होता है। मेहरा ने कहा कि इस बार नहरों में भी पानी कम मिलेगा। इस स्थिति को देखते हुए किसानों को भी कम पानी वाली फसलों पर ही जोर देना चाहिए।