आम की आवक कम, हुए महंगे
बीकानेर में पिछले कई वर्षों से आम की कई प्रकार की किस्में आने लगी हैं। एक समय था जब यहां पर विश्व प्रसिद्ध महाराष्ट्र का हाफुस दिखाई नहीं देता था। गुजरात के जूनागढ़ का प्रसिद्ध केसर आम भी नहीं आता था। पिछले पांच-छह वर्षों से ये आम भी यहां आने लगे। इस बार दोनों आम की फसल कमजोर होने से इसकी आवक बहुत कम रही। साथ ही लॉकडाउन भी लग गया जिस कारण भी बहुत फर्क पड़ा। लॉकडाउन के दौरान केसर थोड़ा बहुत दिखाई दिया था। वह उस वक्त सौ रुपए किलो तक बिका वहीं हाफुस भी ढाई सौ रुपए किलो तक बिका। अब तो दोनों ही आम की आवक बंद है। वहीं हैदराबाद से सफेदा, गुजरात व यूपी से लंगड़ा आ रहा था। अब बरसात शुरू होने पर गुजरात से आवक बंद हो गई वहीं यूपी से कम माल आ रहा है। फिलहाल सफेदा व लंगड़ा बिक रहा है। इनके भाव भी बढ़े हैं। सफेदा जहां ८० रुपए किलो तो लंगड़ा५०-६० एवं दशहरी ४०-६० रुपए किलो चल रहा है। आम अभी लगभग एक महीने तक और आएगा।